आईओई (इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस) परियोजना के अंतर्गत 2023 से शुरू किए गए इंटरनेशनल विजिटिंग स्टुडेंट प्रोग्राम (आईवीएसपी) के नियमों में बीएचयू ने कुछ अहम बदलाव किए हैं। इसके अंतर्गत विदेश जाने वाले विद्यार्थियों को अंडरटेकिंग और इंडेम्निटी बॉन्ड देना अनिवार्य होगा।
स्टांप पेपर पर देना होगा बॉन्ड
27 अगस्त को जारी अधिसूचना के अनुसार शोधार्थी को स्टांप पेपर पर बॉन्ड देना होगा। इस पर शोधार्थी के साथ उसके सुपरवाइजर और विभागाध्यक्ष के हस्ताक्षर होंगे। संबंधित विभागों, केंद्रों और स्कूलों के प्रमुखों को बॉन्ड जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। बदले नियमों के अंतर्गत शोधार्थी को भारत और संबंधित देश के कानून, वीजा-इमिग्रेशन नियम और मेजबान संस्थान के नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी दी गई है। किसी तरह के दुर्व्यवहार, अनुशासनहीनता, आपराधिक गतिविधि, वित्तीय अनियमितता या वीजा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में जिम्मेदारी शोधार्थी की होगी।
इसके अलावा विदेश में योजना के तहत किए गए शोध से विकसित पेटेंट, सॉफ्टवेयर, डेटा, तकनीक, आविष्कार या अन्य शोध उत्पादों में बीएचयू और शोधार्थी की संयुक्त हिस्सेदारी होगी। शोधार्थी को ऐसी बौद्धिक संपदा की जानकारी विश्वविद्यालय को अनिवार्य रूप से देना होगा। शोधार्थी की गलती से होने वाले नुकसान, कानूनी खर्च या अन्य देनदारी की राशि की वसूली भी बीएचयू उससे करेगा।
यात्रा व्यय, वीजा शुल्क, स्वास्थ्य बीमा देता है बीएचयू
इंटरनेशनल विजिटिंग स्टूडेंट प्रोग्राम के तहत बीएचयू के 30 से ज्यादा शोधार्थी दुनिया के टॉप-500 विश्वविद्यालयों में जा चुके हैं और कई अभी वहां रहकर शोधकार्य कर रहे हैं। योजना के अंतर्गत छह महीने तक के शोध के अवसर में बीएचयू शोधार्थी को 1800 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.71 लाख रुपये) प्रतिमाह की फेलोशिप के साथ आने-जाने का इकोनॉमी क्लास हवाई टिकट, वीजा शुल्क और स्वास्थ्य बीमा भी देता है।
IIT BHU का 15वां दीक्षांत समारोह 31 अक्टूबर को
आईआईटी बीएचयू का 15वां दीक्षांत समारोह इस वर्ष 31 अक्टूबर को आयोजित होगा। सोमवार को आईआईटी ने दीक्षांत समारोह की आधिकारिक तिथि की घोषणा कर दी। इस वर्ष के शैक्षणिक कैलेंडर में दीक्षांत तिथि छह नवंबर रखी गई थी। इसे संशोधित कर 31 अक्टूबर कर दिया गया है। दीक्षांत तिथि की घोषणा के बाद आईआईटी स्नातक, स्नातकोत्तर, आईडीडी और पीएचडी के छात्रों की सूची को अंतिम रूप देने में लग गया है। इसके साथ ही मेडल और पुरस्कार विजेताओं की सूची भी तैयार की जा रही है। इस साल 1700 से ज्यादा मेधावी छात्र-छात्राएं आईआईटी से अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे।
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