अगर नया कार लोन लेने का मन बना रहे हैं और प्रोसेस को लेकर मन में कई तरह के सवाल हैं? जब भी हम बैंक से लोन लेने जाते हैं, तो सिबिल स्कोर से लेकर ब्याज दर जैसे कई सवाल हमें परेशान करते हैं।
कितना सिबिल स्कोर होना जरूरी है?
कार लोन अप्रूव कराने और कम ब्याज दर पाने के लिए आपका सिबिल स्कोर बहुत मायने रखता है। आमतौर पर 750 या उससे ऊपर का सिबिल स्कोर काफी मजबूत माना जाता है, जिस पर बैंक आसानी से लोन दे देते हैं। अगर आपका स्कोर 800 से ज्यादा है, तो आपको सबसे कम ब्याज दर मिल सकती है। हालांकि, कम सिबिल स्कोर होने पर भी लोन मिल सकता है, लेकिन तब बैंक आपसे ज्यादा ब्याज वसूल सकते हैं।
कार लोन की EMI कैसे तय होती है?
आपकी हर महीने की किस्त (EMI) मुख्य रूप से तीन बातों पर निर्भर करती है। कुल लोन की रकम (मूलधन), बैंक की ब्याज दर और लोन चुकाने का समय। लोन की शुरुआती किस्तों में आपका बड़ा पैसा ब्याज चुकाने में जाता है और मूलधन धीरे-धीरे कम होता है। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है और बकाया लोन कम होता है, वैसे ही ब्याज का हिस्सा घटता जाता है। आखिरी सालों में आपकी EMI का ज्यादा हिस्सा मूलधन चुकाता है।
अभी कितना ब्याज लग रहा है?
कार लोन की ब्याज दरें अलग-अलग बैंकों, आपके सिबिल स्कोर, आपकी कमाई और कार के मॉडल के हिसाब से बदलती रहती हैं। फिलहाल भारत में कार लोन की ब्याज दरें आमतौर पर 8.5 से 9 पर्सेंट प्रति वर्ष की शुरुआती दर से शुरू हो जाती हैं। अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है और आपकी जॉब या बिजनेस स्थिर है, तो बैंक आपको बेहतर और कम ब्याज दर पर लोन ऑफर कर सकते हैं।
कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स चाहिए?
बैंक से कार लोन लेने के लिए आपको कुछ बुनियादी दस्तावेज जमा करने होते हैं। पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड या कोई अन्य सरकारी आईडी और पैन कार्ड जरूरी होता है। इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो, आपकी सैलरी स्लिप या बिजनेस का प्रूफ, पिछले कुछ महीनों का बैंक स्टेटमेंट और निवास प्रमाण पत्र जैसे केवाईसी डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ती है ताकि बैंक आपकी कमाई और प्रोफाइल की जांच कर सके।
प्री-पेमेंट के नियम क्या हैं?
कार लोन चुकाने के लिए बैंक आपको एक निश्चित समय देते हैं। अगर आप लंबा टैन्योर चुनते हैं तो आपकी महीने की किस्त (EMI) कम हो जाती है, लेकिन आपको कुल ब्याज ज्यादा भरना पड़ता है। इसके अलावा, अगर आपके पास बीच में कहीं से पैसा आ जाता है, तो आप अपने लोन का फोरक्लोजर (पूरा भुगतान) या पार्ट-पेमेंट भी कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कुछ बैंक हल्का-फुल्का चार्ज वसूल सकते हैं जो उनकी शर्तों पर निर्भर करता है।
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