भारतीय टीम के उभरते हुए तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ ने अपनी फ्यूचर प्लानिंग के बारे में बताया है। उन्होंने कहा है कि उनका लक्ष्य तीनों फॉर्मेट में खेलना है। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे गेंदबाजों से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है।
शरीर को इस तरह से तैयार करना लक्ष्य
गुरनूर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की अच्छी शुरुआत की है। उन्होंने छह वनडे में 11 विकेट लिए हैं और उनका इकॉनामी रेट लगभग सात के आसपास है। लेकिन इस 26 वर्षीय खिलाड़ी का मानना है कि अफगानिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान उन्हें लेंथ को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली जिससे उन्हें फायदा हो रहा है। गुरनूर ने बेंगलुरू में पत्रकारों से कहा, ”रणजी ट्रॉफी और भारत ए की तरफ से अच्छे प्रदर्शन के कारण मेरा चयन भारतीय टीम में हुआ। लेकिन मैं अपनी गेंदबाजी की लेंथ और उसमें निरंतरता बनाए रखने और किस विकेट पर किस बल्लेबाज को कैसी गेंदबाजी करनी है, इस बारे में और अधिक सीखना चाहता था। यही मेरा लक्ष्य था।” उन्होंने कहा, ”शुरू से ही मेरा एक ही लक्ष्य रहा है। मुझे अपने शरीर को इस तरह से तैयार करना है कि चाहे मैं कितने भी ओवर करूं, इससे मेरे शरीर पर किसी तरह का असर नहीं पड़े और मैं अपने खेल का भरपूर आनंद लूं।”
बुमराह- सिराज जैसे गेंदबाजों से क्या सीखने को मिला
भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर, गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल और बुमराह जैसे अन्य सीनियर साथियों के साथ बातचीत ने उन्हें अपने कौशल को निखारने में मदद मिली। गुरनूर ने कहा, ”मोर्ने सर और गंभीर सर के साथ बातचीत के बाद एक गेंदबाज के रूप में मैं पहले से बेहतर बन गया हूं। जाहिर है कि बूम (बुमराह) भाई, सिराज भाई, प्रसिद्ध (कृष्णा) भाई को देखने और उनसे बात करने के बाद मुझे नई सीख मिली।” उन्होंने कहा, ”जब आप उन्हें करीब से गेंदबाजी करते हुए देखते हैं। जब आप देखते हैं कि वे खुद को कैसे तैयार करते हैं और बल्लेबाजों पर किस तरह से हावी होने की कोशिश करते हैं तो इससे काफी सीख मिलती है। मैं भी अपने करियर में यही करने की कोशिश कर रहा हूं और सभी प्रारूपों में गेंदबाजी करने वाला गेंदबाज बनना चाहता हूं।” सीनियर तेज गेंदबाजों से मिली सीख के बारे में गुरनूर ने कहा, ”उन्होंने बताया कि मैं अपनी गेंदबाजी शैली में बदलाव नहीं करूं। लेकिन आपको पता होना चाहिए कि किन परिस्थितियों में कैसे गेंदबाजी करनी है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं अपनी गति और लेंथ पर कायम रहूं और अधिक मैच खेलने से मेरा खेल बेहतर होता जाएगा।”
जितना अधिक खेलेंग उतना शरीर मजबूत होगा
गुरनूर ने हाल में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने भारत ए की तरफ से श्रीलंका ए और एसएलसी इलेवन के खिलाफ दो चार दिवसीय मैचों में 13 विकेट लिए। श्रीलंका में खेले गए दो मैचों में पंजाब के इस तेज गेंदबाज ने 54.3 ओवर गेंदबाजी की, जिससे वह काफी खुश थे। उन्होंने कहा, ”मुझे अब भी लगता है कि अगर मैं मैच में अच्छी गेंदबाजी करता हूं, तो मुझे खेल में बने रहना चाहिए। आपको ब्रेक और रिकवरी की जरूरत होती है। इसके लिए हमें योजना बनानी होगी।” गुरनूर ने कहा, ”लेकिन मुझे लगता है कि हम जितना अधिक खेलेंगे हमारा शरीर उतना ही मजबूत होगा। मेरी सोच पुराने तेज गेंदबाजों जैसी है। बस गेंदबाजी करते रहो।”
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