AI Voice Cloning Scam में ठग किसी परिचित की आवाज की नकल करके इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे या सेंसिटिव जानकारी मांग सकते हैं। पैसे भेजने या OTP शेयर करने से पहले दूसरे नंबर या तरीके से व्यक्ति की पहचान जरूर verify करें।
AI Voice Cloning Scam आखिर कैसे काम करता है?
मान लीजिए आपके पास किसी रिश्तेदार का फोन आता है। दूसरी तरफ आवाज बिल्कुल उसी व्यक्ति जैसी सुनाई देती है। वह घबराकर कहता है कि उसके साथ कोई परेशानी हो गई है और उसे तुरंत पैसे चाहिए। ऐसी स्थिति में इंसान अक्सर आवाज पहचानकर भरोसा कर लेता है, लेकिन हो सकता है कि फोन करने वाला आपका रिश्तेदार हो ही नहीं। स्कैमर AI से उसकी आवाज की नकल तैयार करके आपको इमोशनल प्रेशर में ला सकता है।
अक्सर स्कैमर कहानी को इतना जल्दी और गंभीर बनाते हैं कि विक्टिम के पास सोचने या जांच करने का समय ही नहीं रहता। उदाहरण के लिए दुर्घटना, अस्पताल, पुलिस, गिरफ्तारी या किसी जरूरी भुगतान जैसी कहानी सुनाई जाती है।
सबसे खतरनाक: असली जैसी लग सकती है आवाज
पहले लोग मानते थे कि AI की आवाज में रोबोट जैसी टोन, अजीब पॉज या असामान्य उच्चारण सुनाई देगा लेकिन आधुनिक AI-generated आवाजें काफी नेचुरल हो चुकी हैं। FBI ने भी चेतावनी दी है कि AI-generated आवाजें इतनी बेहतर हो गई हैं कि केवल आवाज सुनकर असली और नकली में अंतर करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए सिर्फ इस आधार पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है।
आवाज पर नहीं, पहचान पर करें भरोसा
अगर परिवार का कोई सदस्य फोन करके अचानक पैसे मांगता है, तो उसी कॉल पर भरोसा करके पैसे ट्रांसफर ना करें। कॉल काटकर उस व्यक्ति के पहले से सेव किए गए नंबर पर खुद कॉल करें। अगर वह फोन नहीं उठा रहा है, तो परिवार के किसी दूसरे सदस्य या उसके दोस्त से संपर्क करके पुष्टि करें। FTC भी यही सलाह देता है कि कथित व्यक्ति से अलग और पहले से पता कॉन्टैक्ट मीडियम से पुष्टि की जाए।
AI Voice Scam का मकसद केवल पैसे ट्रांसफर करवाना ही नहीं होता। स्कैमर आवाज की नकल करके आपसे बैंकिंग जानकारी, OTP, UPI PIN, कार्ड की जानकारी या दूसरा डेटा हासिल करने की कोशिश भी कर सकता है। इसलिए सामने वाले की आवाज कितनी भी असली क्यों ना लगे, फोन पर कभी भी OTP, UPI PIN, पासवर्ड या कार्ड का CVV शेयर ना करें।
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