- भारत ने E85 फ्यूल लॉन्च किया; पेट्रोल-डीजल दरों में बदलाव नहीं.
- पेट्रोल कीमतें हैदराबाद में सर्वाधिक; मुंबई, चेन्नई में मामूली बढ़त दर्ज.
- मंत्री पुरी ने कहा तेल कीमतें जल्द कम होने की उम्मीद है.
- भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद कच्चे तेल दाम घटने की संभावना.
Petrol-Diesel Rate Today on June 9: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से एनर्जी सप्लाई चेन पर दबाव के बीच भारत ने आधिकारिक तौर पर E85 फ्यूल लॉन्च किया, जो देश के इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम की दिशा में उठाया गया एक अहम कदम है. इस दरमियान देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया.
पेट्रोल की बात करें तो, हैदराबाद में कीमत सबसे ज्यादा 115.72 रुपये प्रति लीटर है और उसके बाद तिरुवनंतपुरम में कीमत 115.49 रुपये प्रति लीटर रही. चार मेट्रो सिटीज में- नई दिल्ली और कोलकाता में पेट्रोल की कीमतें क्रमशः 102.12 रुपये और 113.47 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रहीं, जबकि मुंबई और चेन्नई में कीमतें मामूली रूप से 3 पैसे और 4 पैसे प्रति लीटर बढ़कर क्रमशः 111.21 और 107.88 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.21 रुपये | 97.83 रुपये |
| कोलकाता | 113.51 रुपये | 99.82 रुपये |
| नोएडा | 102.12 रुपये | 95.56 रुपये |
| गुरुग्राम | 103.32 रुपये | 95.51 रुपये |
| पटना | 113.35 रुपये | 99.36 रुपये |
| पुणे | 111.52 रुपये | 98.15 रुपये |
पेट्रोलियम मंत्री ने क्या कहा?
इस बीच, ईंधन की बढ़ती कीमतों से परेशान भारतीय उपभोक्ताओं को आने वाले महीनों में कुछ राहत मिल सकती है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि तेल की कीमतें ‘बहुत लंबे समय’ तक अपने मौजूदा ऊंचे स्तर पर बनी रहने की संभावना नहीं है और आने वाले महीनों में इनके कम होने की उम्मीद है.
उनका यह बयान एक ऐसे समय पर आया, जब ईरान से जुड़े तनाव के माहौल के बीच ग्लोबल एनर्जी मार्केट दबाव में है. इसके चलते तेल और गैस की सप्लाई में रुकावट पैदा की है और कच्चे तेल की कीमतों को 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंचा दिया है.
तनाव के बावजूद कम होगा रेट
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, CNN-News18 से बात करते हुए पुरी ने कहा कि मौजूदा जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद आने वाले महीनों में तेल और गैस की कीमतों में कमी आने की संभावना है.
दुनिया के सबसे अहम एनर्जी रूट में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली शिपमेंट पर संघर्ष का असर पड़ने के बाद से ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ी से उछाल आया है. संघर्ष शुरू होने से पहले, दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता था. हालांकि, मंत्री ने भरोसा जताया कि कीमतों का मौजूदा स्तर लंबे समय तक बना रहने की संभावना नहीं है.
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