इंग्लैंड-पाकिस्तान तीन मैच की टेस्ट सीरीज में 20 फिफ्टी लगी, मगर कोई भी बल्लेबाज एक बार भी शतक नहीं जड़ पाया। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब इतनी फिफ्टी के बावजूद कोई शतक नहीं बना।
149 साल के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार
इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान वर्सेस जिम्बाब्वे 1993 टेस्ट सीरीज के नाम था, जब 18 बार 50 रन का आंकड़ा छुआ गया, मगर कोई बल्लेबाज शतक नहीं जड़ पाया। 1969 में भारत और न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज के दौरान भी ऐसा हुआ था, जब 9 फिफ्टी लगी मगर सेंचुरी एक भी नहीं थी।
हैरानी की बात है कि टॉप-5 की इस लिस्ट में पाकिस्तान का नाम 3 बार दर्ज है।
| फिफ्टी | सीरीज | साल |
|---|---|---|
| 20 | इंग्लैंड वर्सेस पाकिस्तान | 2026 |
| 18 | पाकिस्तान वर्सेस जिम्बाब्वे | 1993 |
| 9 | भारत बनाम न्यूजीलैंड | 1969 |
| 9 | पाकिस्तान बनाम वेस्टइंडीज | 1986 |
| 9 | वेस्टइंडीज बनाम ऑस्ट्रेलिया | 2025 |
पाकिस्तान नौंवे नंबर के बल्लेबाज रजाउल्लाह खान के शानदार छक्कों की मदद से तीसरे टेस्ट को चौथे दिन तक खींचने में सफल रहा लेकिन इंग्लैंड ने कप्तान जो रूट (नाबाद 62 रन) और जोर्डन कॉक्स (नाबाद 59 रन) के अर्धशतकों से आसानी से लक्ष्य हासिल कर सीरीज 3-0 से जीत ली।
पाकिस्तान के गेंदबाज मोहम्मद अब्बास ने पहले ही ओवर में इंग्लैंड का स्कोर दो रन पर दो विकेट कर मेजबान टीम को झटका दिया। लेकिन रूट और कॉक्स ने टीम को संभालते हुए 130 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। इंग्लैंड ने एक ही सत्र में 24.2 ओवर में दो विकेट पर 130 रन बनाकर आठ विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ उसने एक दिन रहते सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया।
तीसरे दिन पाकिस्तान ने शानदार बल्लेबाजी की। चौथे दिन इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। उसने तुरंत बेन डकेट का विकेट गंवा दिया जिन्हें मध्यम गति के गेंदबाज अब्बास ने विकेट के पीछे कैच कराया। इसी ओवर की आखिरी गेंद पर एमिलियो गे भी LBW आउट हो गए।
रूट और कॉक्स ने इंग्लैंड को 2024 के बाद पहली बार तीन टेस्ट मैच की सीरीज में क्लीन स्वीप कराने में सफल रहे। इससे पहले 2024 में इसी मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ इंग्लैंड ने 3-0 से सीरीज जीती थी।
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