ChatGPT Ads भारत में शुरू हो गए हैं। फ्री और Go यूजर्स को अब चैट के दौरान स्पॉन्सर्ड एड्स दिख सकते हैं। जानिए Ads कैसे काम करेंगे और क्या आपके ChatGPT जवाबों पर इसका असर पड़ेगा।
भारत में शुरू हुआ ChatGPT Ads
OpenAI ने भारत में ChatGPT Ads को लॉन्च कर दिया है। कंपनी का मकसद ChatGPT पर आने वाले यूजर्स के लिए विज्ञापनदाताओं को एक नया प्लेटफॉर्म देना है। भारत ChatGPT के बड़े और तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल है, इसलिए यहां Ads की शुरुआत को OpenAI के लिए काफी अहम माना जा रहा है। नए सिस्टम के तहत कंपनियां अपने प्रोडक्ट, सर्विस या वेबसाइट के लिए ChatGPT पर ऐड कैंपेन चला सकती हैं। इसका मतलब यह हुआ कि आने वाले समय में जब कोई यूजर किसी प्रोडक्ट या सर्विस से जुड़ा सवाल पूछेगा, तो उसी संदर्भ से जुड़ा Sponsored Ad उसे दिखाई दे सकता है।
कंपनियों के लिए बड़ा मौका
ChatGPT Ads सिर्फ यूजर्स के लिए बदलाव नहीं है। इसका दूसरा बड़ा फायदा उन कंपनियों को हो सकता है जो अपने प्रोडक्ट और सर्विस को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहती हैं। ChatGPT पर यूजर्स अक्सर किसी चीज को खरीदने से पहले उसके बारे में सवाल पूछते हैं, अलग-अलग ऑप्शन की तुलना करते हैं और सलाह लेते हैं। ऐसे में किसी ब्रांड के लिए उस समय ऐड दिखाना काफी महत्वपूर्ण हो सकता है जब यूजर किसी फैसले पर विचार कर रहा हो।
725 रुपए से शुरू होगा Ad Budget
भारत में छोटे और बड़े कारोबारियों के लिए ChatGPT Ads को लेकर एक और खास बात सामने आई है। विज्ञापनदाताओं के लिए शुरुआती डेली बजट 725 रुपए से शुरू होगा। वहीं भारत में ChatGPT Ads Manager का Self-Serve Access 4 सितंबर 2026 से शुरू होने की बात कही गई है। इससे छोटी कंपनियों और स्टार्टअप्स को भी ChatGPT के जरिए संभावित ग्राहकों तक पहुंचने का मौका मिल सकता है।
आपकी चैट रहेगी सुरक्षित
ChatGPT Ads को लेकर दूसरा बड़ा सवाल यूजर्स की प्राइवेसी से जुड़ा है। अगर किसी व्यक्ति की बातचीत के आधार पर Ads दिखाए जाएंगे तो क्या कंपनियों को उसकी चैट पढ़ने का मौका मिलेगा। OpenAI के मुताबिक, Ads को यूजर्स की निजी बातचीत तक पहुंच नहीं मिलेगी। कंपनी ने साफ किया है कि Advertisers को ChatGPT की प्राइवेट conversations का एक्सेस नहीं दिया जाएगा।
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