केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के 66वें वार्षिक सम्मेलन में कहा कि देश में सड़क दुर्घटनाएं बड़ी समस्या हैं और इनकी संख्या एवं इनमें होने वाली मौतों को हर हाल में कम करना होगा।
गडकरी ने कहा, ‘‘भारत-एनसीएपी 2.0 की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसके तहत अक्टूबर, 2027 से सुरक्षा संबंधी पूरी श्रृंखला का मूल्यांकन किया जाएगा। सड़क दुर्घटनाएं बड़ी समस्या हैं… हमें हर हाल में इन आंकड़ों को कम करना होगा।’’
भारत-एनसीएपी देश की स्वतंत्र वाहन सुरक्षा रेटिंग व्यवस्था है।
सरकार ने इसे वर्ष 2023 में शुरू किया था। इसके तहत यात्री वाहनों का दुर्घटना परीक्षण किया जाता है और वयस्कों तथा बच्चों की सुरक्षा के आधार पर उन्हें एक से पांच स्टार तक रेटिंग दी जाती है। इस रेटिंग प्रणाली का उद्देश्य वाहन कंपनियों को बेहतर सुरक्षा मानकों वाले वाहन बनाने के लिए प्रोत्साहित करना और उपभोक्ताओं को वाहनों की सुरक्षा के बारे में जानकारी देना है।
गडकरी ने कहा कि देश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अब भी बहुत अधिक है। हर साल करीब पांच लाख दुर्घटनाएं होती हैं और इनमें करीब 1.80 लाख लोगों की मौत होती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों में ज्यादातर 18 से 36 वर्ष आयु वर्ग के होते हैं।
उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए वाहन की पूरी सुरक्षा श्रृंखला का आकलन करना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘‘हम दुर्घटना की पूरी श्रृंखला का मूल्यांकन करने जा रहे हैं और इसमें नई प्रौद्योगिकियों एवं भारतीय स्टार्टअप फर्मों द्वारा विकसित तकनीकों का इस्तेमाल करेंगे।’’
गडकरी ने सड़क सुरक्षा के लिए चालक के व्यवहार पर आधारित अंक प्रणाली शुरू करने की योजना की भी जानकारी दी। इसके तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस से अंक काटे जाएंगे।
एक निश्चित सीमा के बाद लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकेगा। वहीं, अच्छे रिकॉर्ड वाले चालकों को बीमा कंपनियों से प्रोत्साहन और अन्य लाभ मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा यात्री वाहन बाजार है।
उन्होंने बताया कि देश में वाहन परीक्षण का समय और लागत वैश्विक स्तर पर एनसीएपी के तहत लगने वाली लागत की तुलना में काफी कम है। सड़क परिवहन मंत्री ने बीएस-4 मानक वाले वाहनों के उत्सर्जन को कम करने के लिए एक नई योजना की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण के परीक्षण पूरे हो चुके हैं।
बीएस-4 वाहनों में इसे लगाने के बाद उनका उत्सर्जन बीएस-6 वाहनों के बराबर हो जाएगा। इस उपकरण की लागत करीब 4,000-5,000 रुपये होगी।’’
गडकरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वाहन और चालक दोनों स्तर पर सुरक्षा बढ़ाकर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। साथ ही, नई प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल से वाहनों को अधिक सुरक्षित और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
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