बच्चों की सेहत के लिए दूध जरूरी है। लेकिन अगर 1 से 3 साल की उम्र का बच्चा जरूरत से ज्यादा गाय का दूध पी रहा है, तो उसकी डाइट का बैलेंस बिगड़ सकता है। पीडियाट्रिशियन के मुताबिक ये बच्चों में खून की कमी का कारण बन सकता है।
ज्यादा दूध पीने से बच्चों में हो सकती है खून की कमी
डॉ. हरिओम बताते हैं कि 1 से 3 साल की उम्र के बच्चों में अगर पूरे दिन में तीन से चार गिलास गाय या भैंस का दूध पिया जा रहा है, तो बच्चे की डाइट में बैलेंस बिगड़ सकता है। ऐसे में बच्चे के शरीर को आयरन समेत दूसरे जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते। इसका असर खून की कमी के रूप में सामने आ सकता है। इसे ‘मिल्क एनीमिया’ कहा जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि दूध सीधे बच्चे का खून पी जाता है। असल परेशानी तब होती है जब बच्चा दूध बहुत ज्यादा पीता है और उसके कारण बाकी जरूरी खाना कम कर देता है।
गाय के दूध में आयरन कम होता है
डॉ. हरिओम के अनुसार, गाय के दूध में आयरन की मात्रा बहुत कम होती है। बच्चे के शरीर में खून बनाने के लिए आयरन जरूरी होता है। इसलिए अगर बच्चा दूध तो बहुत ज्यादा पी रहा है, लेकिन आयरन से भरपूर खाना पर्याप्त मात्रा में नहीं खा रहा, तो उसके शरीर में आयरन की कमी हो सकती है। इसलिए छोटे बच्चों की डाइट में सिर्फ दूध देने के बजाय अलग-अलग तरह के पौष्टिक भोजन को शामिल करना जरूरी है। इससे बच्चे को शरीर की जरूरत के मुताबिक अलग-अलग पोषक तत्व मिलते हैं।
ज्यादा दूध से बच्चा खाना कम कर देता है
छोटे बच्चे जल्दी पेट भरने की वजह से अक्सर खाना छोड़ सकते हैं। दूध पीने के बाद बच्चे का पेट भरा हुआ लगता है, इसलिए वह दाल, सब्जी, अनाज और दूसरे खाने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाता। यही वजह है कि अगर बच्चा बार-बार दूध मांगता है और खाने से बचता है, तो उसकी पूरी डाइट पर ध्यान देना चाहिए। डॉ. हरिओम के मुताबिक, बहुत ज्यादा दूध पीने वाले बच्चे कई बार खाने को ले कर काफी नखरे करने लगते हैं और उन्हें खाना खिलाना पैरेंट्स के लिए मुश्किल हो जाता है।
क्या गाय के दूध से इंटेस्टाइन में खून का रिसाव होता है?
डॉ. हरिओम ने बताया है कि गाय के दूध में मौजूद कैसीन प्रोटीन की वजह से कुछ बच्चों में इंटेस्टाइन से बहुत थोड़ी मात्रा में खून निकलने जैसी समस्या हो सकती है, जिसे माइक्रोस्कोपिक ब्लीडिंग कहा जाता है। यह खून सामान्य तौर पर आंखों से दिखाई नहीं देता। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि हर बच्चे को यह समस्या हो। इसलिए अगर बच्चे में खून की कमी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो सिर्फ दूध को इसका कारण मानने के बजाय डॉक्टर से जांच और सही सलाह लेना बेहतर है।
बच्चे में खून की कमी के क्या संकेत दिख सकते हैं?
पीडियाट्रिशियन के अनुसार, खून की कमी होने पर बच्चा पहले की तुलना में थोड़ा पीला या फीका दिख सकता है। वह सुस्त रह सकता है और जल्दी थक सकता है। कुछ बच्चों में चिड़चिड़ापन भी देखने को मिल सकता है। ऐसा बच्चा खाना खाने में कम रुचि दिखा सकता है और बार-बार दूध मांग सकता है। रात में बार-बार उठने जैसी परेशानी भी हो सकती है।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। लाइव हिन्दुस्तान ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।
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