क्रिकेट में शतक और बड़ी पारियां अक्सर सुर्खियां बटोरती हैं, लेकिन कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं, जिनकी चर्चा कम होती है और उनकी अहमियत कम नहीं होती. वनडे क्रिकेट में बिना खाता खोले आउट होना बल्लेबाज के लिए सबसे निराशाजनक पलों में से एक माना जाता है. ऐसे में अगर कोई बल्लेबाज अपने पूरे वनडे करियर में एक भी बार शून्य पर आउट न हो, तो यह अपने आप में खास उपलब्धि बन जाती है. इस अनोखे रिकॉर्ड की बात करें तो सबसे ऊपर केप्लर वेसेल्स का नाम आता है. ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका दोनों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले वेसेल्स ने अपने वनडे करियर में 105 पारियों में बल्लेबाजी की. खास बात यह रही कि इतनी लंबी अवधि के बावजूद वह एक बार भी डक पर आउट नहीं हुए. वेसेल्स ने अपने वनडे करियर में कुल 3367 रन बनाए.
डेरिल मिचेल भी खास क्लब में शामिल
मौजूदा दौर के न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल भी इस खास सूची का हिस्सा हैं. उन्होंने अब तक 57 वनडे पारियों में बल्लेबाजी की है और एक बार भी शून्य पर अपना विकेट नहीं गंवाया है. मिचेल के नाम इन पारियों में 2811 रन दर्ज हैं. मिचेल की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनकी निरंतरता रही है. वह जरूरत के हिसाब से आक्रामक बल्लेबाजी करने के साथ पारी को संभालने की क्षमता भी रखते हैं. यही वजह है कि बिना डक के इतनी पारियां खेलना उनके लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है.
पाकिस्तान और भारत के बल्लेबाज भी लिस्ट में
पाकिस्तान के सलमान अली आगा ने 45 वनडे पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 1566 रन बनाए हैं. वह भी अब तक शून्य पर आउट नहीं हुए हैं. वहीं भारत की तरफ से पूर्व बल्लेबाज यशपाल शर्मा का नाम इस रिकॉर्ड में शामिल है. यशपाल शर्मा ने 1978 से 1985 के बीच वनडे क्रिकेट खेला. अपने करियर में उन्होंने 40 पारियों में बल्लेबाजी की और कभी डक का शिकार नहीं हुए. इस दौरान उनके बल्ले से 883 रन निकले. यशपाल 1983 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी अहम हिस्सा थे.
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पीटर कर्स्टन और जैक्स रूडोल्फ भी शामिल
दक्षिण अफ्रीका के पीटर कर्स्टन ने भी 40 वनडे पारियों में बिना डक के 1293 रन बनाए. वहीं जैक्स रूडोल्फ ने 39 पारियों में 1174 रन बनाए और इस दौरान कभी शून्य पर आउट नहीं हुए. आयरलैंड के कर्टिस कैंफर भी इस खास रिकॉर्ड में जगह बना चुके हैं. दरअसल, वनडे में एक भी डक से बचना केवल किस्मत की बात नहीं है. यह बल्लेबाज की निरंतरता, तकनीक और दबाव में विकेट बचाने की क्षमता को भी दिखाता है. यही वजह है कि लंबे करियर में बिना डक के रन बनाना क्रिकेट के उन रिकॉर्ड्स में शामिल है, जो पहली नजर में साधारण लगते हैं, लेकिन हासिल करना बेहद मुश्किल होता है.
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