ज्यादातर भारतीय युवाओं का सपना होता है कि वे पढ़ाई पूरी कर विदेश में अच्छी नौकरी करें। आमतौर पर इसकी सबसे बड़ी वजह ज्यादा सैलरी मानी जाती है।
सिर्फ सैलरी नहीं, करियर ग्रोथ को दी प्राथमिकता
कंटेंट क्रिएटर उमंग चौधरी के साथ बातचीत में हारिका से पूछा गया कि अगर उन्हें अमेरिका में 2 लाख डॉलर (करीब 1.9 करोड़ रुपये) सालाना और भारत में 40 लाख रुपये सालाना की नौकरी में से एक चुननी हो, तो वे क्या चुनेंगी। इस पर हारिका ने कहा कि अगर बात सिर्फ पैसों और लाइफस्टाइल की हो, तो वे भारत में 40 लाख रुपये सालाना की नौकरी चुनेंगी। उनके मुताबिक, इस सैलरी में भारत में ज्यादा आरामदायक और बेहतर जीवन जिया जा सकता है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर करियर, नई तकनीकों पर काम करने का मौका और प्रोफेशनल ग्रोथ को देखा जाए, तो अमेरिका बेहतर विकल्प है। वहां बड़ी टेक कंपनियां रिसर्च और डेवलपमेंट पर अधिक निवेश करती हैं, जिससे कर्मचारियों को अत्याधुनिक तकनीकों, बेहतर कंप्यूटिंग संसाधनों और उच्च गुणवत्ता वाले डेटा के साथ काम करने का अवसर मिलता है।
अमेरिका जाने के बाद पूरी तरह बदल गई सोच
हारिका के अनुसार, अमेरिका जाना सिर्फ ज्यादा कमाई करने का फैसला नहीं था, बल्कि इससे उनकी सोच और करियर को देखने का नजरिया भी बदल गया। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका जाना सही फैसला था, तो उन्होंने जवाब दिया, “200 प्रतिशत।”सउन्होंने बताया कि भारत में पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका लक्ष्य सिर्फ अच्छी नौकरी, अच्छी सैलरी और आर्थिक रूप से स्थिर होना था। लेकिन अमेरिका आने के बाद उनकी प्राथमिकताएं बदल गईं। अब उनका फोकस नई चीजें सीखने, आधुनिक तकनीकों पर काम करने और अपने करियर में लगातार आगे बढ़ने पर है।
Amazon में कितना मिलता है पैकेज?
हारिका सत्ती इस समय Amazon में मशीन लर्निंग इंजीनियरिंग-II (MLE-II) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि इस पद पर कर्मचारियों को केवल बेस सैलरी ही नहीं, बल्कि बोनस और कंपनी के शेयर (Stocks) भी मिलते हैं। उनके मुताबिक, MLE-II पद पर बेस सैलरी आमतौर पर 1.5 लाख डॉलर से 2 लाख डॉलर (करीब 1.3 करोड़ से 1.9 करोड़ रुपये) के बीच होती है। इसके अलावा बोनस और स्टॉक मिलाकर कुल पैकेज और बढ़ जाता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
हारिका के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई। एक यूजर ने लिखा, “मैं इस बात से सहमत नहीं हूं। भारत में 40 लाख रुपये सालाना की सैलरी में भी लग्जरी लाइफ जीना आसान नहीं है।” दूसरे यूजर ने कहा कि अमेरिका में 2 लाख डॉलर की सैलरी का वास्तविक फायदा इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति किस राज्य में रहता है, क्योंकि हर राज्य में टैक्स और रहने का खर्च अलग-अलग होता है।
वहीं, एक अन्य यूजर ने टैक्स के बाद मिलने वाली आय की तुलना करते हुए कहा कि आर्थिक दृष्टि से भी अमेरिका की नौकरी अधिक फायदेमंद हो सकती है। उनके अनुसार, कैलिफोर्निया में 2 लाख डॉलर सालाना की सैलरी पर टैक्स के बाद करीब 1.32 लाख डॉलर बचते हैं, जबकि भारत में 40 लाख रुपये सालाना के पैकेज पर टैक्स के बाद करीब 32 लाख रुपये हाथ में आते हैं। उनका कहना था कि यदि अमेरिका में की गई बचत भारत भेजी जाए, तो उसका आर्थिक फायदा और बढ़ सकता है।
डिस्क्लेमर: इस कहानी में किए गए सभी दावे और विचार संबंधित व्यक्ति के निजी अनुभव हैं। ‘लाइव हिंदुस्तान’ वेबसाइट सोशल मीडिया पोस्ट पर किए गए इन दावों की पुष्टि नहीं करती है।
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