आजकल लिफ्ट में फंसने के केस तो आपने सुने ही होंगे। ऐसे में डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि समझदारी से काम लेने की जरूरत है। ये कुछ इमरजेंसी टिप्स ध्यान रखेंगे, तो बिना पैनिक हुए इस सिचुएशन से डील कर पाएंगे।
लिफ्ट बंद होने पर सबसे पहले क्या करें?
लिफ्ट का इस्तेमाल करते समय अगर अचानक से लिफ्ट रुक जाए तो, सबसे पहले खुद को शांत रखने की कोशिश करें। क्योंकि पैनिक होने से सोचने-समझने की कैपेसिटी भी कम हो जाती है। इसलिए ऐसी सिचुएशन में पहले गहरी और धीरे-धीरे सांस लें। याद रखें कि ज्यादातर मामलों में मदद जल्द पहुंच जाती है, इसलिए घबराकर कोई गलत कदम उठाने की जरूरत नहीं होती।
लिफ्ट बंद होने पर मदद कैसे मिलेगी?
लिफ्ट के अंदर लगे कॉल, पैनिक या अलार्म बटन को तुरंत दबाएं। इससे बिल्डिंग की सिक्योरिटी या मेंटेनेंस टीम को पता चल जाता है कि कोई अंदर फंसा हुआ है। अगर इंटरकॉम काम नहीं कर रहा है और आपके मोबाइल में नेटवर्क है, तो अपने परिवार, दोस्तों या जरूरत पड़ने पर पुलिस या फायर डिपार्टमेंट जैसे आपातकालीन नंबर पर कॉल करें। अगर आपके फोन में SOS फीचर है, तो उसका भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर तुरंत कोई जवाब न मिले, तो लिफ्ट के दरवाजे या दीवार पर हल्के से थपथपाकर बाहर मौजूद लोगों को बुलाने की कोशिश करें। जोर-जोर से चिल्लाने की बजाय साफ और नॉर्मल आवाज में मदद मांगें। इससे आपकी एनर्जी भी कम खर्च होगी और बाहर के लोगों तक आपकी आवाज भी आसानी से पहुंचेगी।
लिफ्ट में फंसने पर क्या नहीं करना चाहिए?
लिफ्ट में फंसने के बाद सबसे बड़ी गलती होती है दरवाजा खोलने की कोशिश करना। कई बार लिफ्ट दो मंजिलों के बीच रुक जाती है। ऐसे में बाहर निकलने की कोशिश करना बहुत खतरनाक हो सकता है। इसलिए दरवाजे को धक्का न दें और न ही लिफ्ट के अंदर कूदें या जोर-जोर से हिलाएं। ऐसा करने से आप सेफ तो नहीं होंगे उल्टा समस्या और बढ़ सकती है।
अगर घुटन महसूस हो तो क्या करें?
बंद लिफ्ट में अगर आपको सांस लेने में परेशानी या बेचैनी महसूस हो रही है, तो लिफ्ट के फर्श पर आराम से बैठ जाएं और धीरे-धीरे गहरी सांस लेते रहें। अगर लिफ्ट की लाइट बंद हो गई है, तो मोबाइल की फ्लैशलाइट का इस्तेमाल करें। बिना वजह जोर-जोर से चिल्लाने या घबराने से बचें, क्योंकि इससे आपकी एनर्जी जल्दी खत्म हो सकती है।
आखिर में सबसे जरूरी बात
आजकल ज्यादातर लिफ्टों में ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (ARD) लगा होता है। बिजली चले जाने पर यह सिस्टम अपने आप काम करना शुरू कर देता है और लाइट व एयर फ्लो जैसी जरूरी सुविधाएं चालू रखता है। यह सिस्टम करीब 17 घंटे तक काम कर सकता है। इसलिए घबराने की बजाय धैर्य रखें और मदद का इंतजार करें। शांत रहना और सही फैसले लेना ही ऐसी स्थिति में आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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