नई दिल्ली में सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली-MCD ने पूरी दिल्ली में इमारतों की जांच के आदेश दिए हैं। MCD ने सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों (बिल्डिंग) से अपने क्षेत्र की इमारतों का निरीक्षण कर 10 सितंबर तक रिपोर्ट देने को कहा है। सत्य निकेतन में रविवार को एक बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत हुई थी और कम से कम 6 लोग घायल हुए थे। इसी हादसे के बाद यह आदेश जारी किया गया है। जांच के दौरान जुटाई गई जानकारी को दिल्ली हाईकोर्ट में 10 दिन के भीतर दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में शामिल किया जाएगा। हादसे के 3 आरोपी गिरफ्तार, दंपती 14 दिन की रिमांड पर पुलिस के मुताबिक, सत्य निकेतन में पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने के मामले में प्रॉपर्टी मालिक उर्मिला गुप्ता, उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। हरिराम गुप्ता भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड सार्जेंट हैं। पुलिस ने बताया कि प्रॉपर्टी उर्मिला गुप्ता के नाम पर रजिस्टर्ड है, लेकिन इसका प्रबंधन और संचालन उनके पति और बेटे के पास था। सोमवार रात इन तीनों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। जस्टिस भव्य खराल ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जबकि महेश को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने PG संचालकों और लेबर कॉन्ट्रैक्टर को पकड़ने के लिए भी तलाश शुरू कर दी है। उनकी भूमिका की जांच की जाएगी और इसके आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी यह पता नहीं चला है कि PG संचालक और लेबर कॉन्ट्रैक्टर कब तक पकड़े जाएंगे। साउथ जोन की जिम्मेदारी शाश्वत सौरभ को हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को सोमवार को सस्पेंड कर दिया। उनके साथ चार इंजीनियरिंग अधिकारियों को भी विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक सस्पेंड किया गया है। इसके बाद IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को MCD के साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 2016 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी सौरभ अभी साउथ वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर हैं। आधिकारिक निर्देश के मुताबिक, शाश्वत सौरभ तुरंत साउथ जोन का कार्यभार संभालेंगे। यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी। हादसे में बिल्डिंग गिरने की वजह की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
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