क्रूज शिप होंडियस में हंता वायरस फैलने के बाद अब एक और क्रूज कैरेबियन प्रिंसेस में नोरो वायरस फैल गया है। अब बीच समंदर दो अलग-अलग जहाज वायरस प्रभावित हैं। दुनिया इन वायरस के आउटब्रेक से सकते में है। दोनों क्रूज शिप की निगरानी अमेरिकी एजेंसी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के जिम्मे है। बताया जा रहा है कि कैरेबियन प्रिंसेस क्रूज की विशेष निगरानी की जा रही है। इसमें वायरस संक्रमण फैलने की सूचना शनिवार को ही सामने आई है। इस बीच, सूत्रों के अनुसार होंडियस में संक्रमित पहले मरीज की मौत के बाद उसकी पत्नी से अन्य यात्रियों ने हाथ मिलाया था। उस महिला की भी संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। होंडियस- 147 यात्रियों वाले क्रूज पर 6 संक्रमित, 3 की मौत अर्जेंटीना से अंटार्कटिका की यात्रा पर निकले होंडियस क्रूज पर 147 यात्री और क्रू मेंबर सवार हैं। अब तक 6 प्रभावित और 3 की संक्रमण से मौत की पुष्टि। संक्रमण के चलते कैप वेर्दे में डॉकिंग नहीं मिली। अब इसे कैनरी आइलैंड ले जाया गया है। डब्ल्यूएचओ यात्रियों की निगरानी कर रहा है। कैरेबियन प्रिंसेस- 3116 पैसेंजर और 1131 क्रू, इनमें 115 संक्रमित कैरेबियन प्रिंसेस क्रूज शिप फ्लोरिडा से 13 दिन की सदर्न कैरेबियन की यात्रा पर है। इस पर 3116 पैसेंजर और 1131 क्रू हैं। जहाज पर करीब 115 नोरो वायरस के कारण उल्टी-दस्त और पेट में संक्रमण से प्रभावित हैं। ये क्रूज शिप 11 मई को अमेरिका के पोर्ट कैनवारेल पहुंचेगा। हंतावायरस से मौतों में एंडीज स्ट्रेन का शक WHO के मुताबिक हंतावायरस से हुई तीन मौत के मामलों में एंडीज स्ट्रेन का शक है, जो इंसानों के बीच भी फैल सकता है। एंडीज स्ट्रेन मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना और चिली में पाया जाता है। WHO ने बताया कि एंडीज स्ट्रेन बाकी हंतावायरस से अलग है। यह संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र से तो फैलता ही है, लेकिन कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। हालांकि, यह संक्रमण कोरोना जितना तेजी से नहीं फैलता। जांच में पता चला है कि पहले दो पीड़ित दंपती जहाज पर चढ़ने से पहले चिली, अर्जेंटीना और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे। WHO के मुताबिक इन इलाकों में वायरस फैलाने वाले खास किस्म के चूहे पाए जाते हैं। अर्जेंटीना की एजेंसियां अब इस दंपती की यात्रा का पता लगा रही हैं। 7 हफ्ते में कई देशों से गुजरा क्रूज नीदरलैंड के झंडे वाला यह क्रूज शिप 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। इसके बाद यह दक्षिणी ध्रुव के आसपास के इलाकों में गया और फिर अटलांटिक पार करते हुए यूरोप की ओर बढ़ रहा था। इसे सबसे आखिर में स्पेन के कैनरी द्वीप तक पहुंचना था, जो अफ्रीका के पास अटलांटिक में स्थित एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है। जहाज में कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं। इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है। पहला मृतक 70 साल का एक व्यक्ति था, जिसकी मौत जहाज पर ही हो गई। वह अपनी पत्नी के साथ इस यात्रा पर था। इसके बाद उसका शव दक्षिण अटलांटिक में स्थित सेंट हेलेना में उतारा गया। उसकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, जहां से उन्हें अपने देश नीदरलैंड लौटना था। लेकिन एयरपोर्ट पर ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, वह बेहोश हो गईं और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। क्रूज चलाने वाली कंपनी ओशनवाइड एक्सपीडिशंस ने बताया कि तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर केप वर्डे में मौजूद है। साथ ही, WHO ने सेंट हेलेना में उतरने वाले यात्रियों के कारण 12 देशों को अलर्ट भेजा है। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर शामिल हैं। ————————
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.