भारत की दिग्गज प्लेबैक सिंगर सुमन कल्याणपुर का निधन हो गया। 89 साल की उम्र में रविवार, 31 मई को उन्होंने मुंबई में अंतिम सांस लीं। उनके निधन की खबर मिलती ही बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई। उनके करीबियों ने बताया कि उम्र संबंधी समस्याओं की वजह से बीते कुछ दिनों से वो परेशान चल रही थीं, रविवार रात को मुंबई स्थित अपने लोखंडवाला आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। आज सुमन कल्याणपुर का अंतिम संस्कार मुंबई में होगा।
मशहूर पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर ने दुनिया को अलविदा कह दिया। मगर उनके द्वारा गाए गीत आज भी लोगों की जुबां पर है। उन्होंने ना सिर्फ हिंदी बल्कि बंगाली, मराठी, असमिया, गुजराती, कन्नड़, अंगिका, भोजपुरी, राजस्थानी, उड़िया और पंजाबी भाषाओं में भी कई हिट गाने गाए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1950 के दशक की शुरुआत में की थी और 1960 और 1970 के दशकों में वे एक लोकप्रिय गायिका बन गईं।
पद्म पुरस्कार से सम्मानित हुई थीं सुमन कल्याणपुर
संगीत जगत में जब लता मंगेशकर और आशा भोसले जैसी दिग्गज गायिकाएं संगीत निर्देशकों की पहली पसंद हुआ करती थीं। इनके बीच भी सुमन कल्याणपुर ने अपनी एक अलग पहचान बनाई। एक से बढ़कर हीट गाने देकर उन्होंने बॉलीवुड में अपना एक मुकाम हासिल किया। इस दिग्गज गायिका को साल 2023 में भारत के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान, ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया था।
बॉलीवुड में अपनी आवाज से बनाईं मुकाम
सुमन कल्याणपुरी का जन्म 28 जनवरी 1937 को अविभाजित भारत ( वर्तमान में बांग्लादेश) के भवानीपुर में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में सबसे पहले 1953 में रिलीज हुई मराठी फिल्म ‘शुक्रची चांदनी’ में गाना गाया था। इसके बाद वो कभी पीछे मुड़कर नहीं देखीं। अपने करियर में उन्होंने करीब 800 से ज्यादा फिल्मी गाने गाए। ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’, ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से’, ‘तुमने पुकारा और हम चले आए’ उनके द्वारा गाए ये गाने आज भी लोगों की जुबां पर है।
अपनी सुरीली आवाज से उन्होंने फिल्मी जगत में एक अलग पहचान बना लीं थीं। संगीतकार शंकर-जयकिशन, मदन मोहन कोहली, एस.डी. बर्मन, एन. दत्ता, हेमंत कुमार, चित्रगुप्त, नौशाद, नशाद, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जैसे संगीतकारों की सुमन कल्याणपुरी पसंद बन चुकीं थीं। 1960 के दशक में उन्होंने मोहम्मद रफी के साथ 140 से ज्यादा डुएट (duets) गाने गाए। उनके हिट गानों में ‘जिंदगी इम्तिहान लेती है’, ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’, ‘मेरा प्यार भी तू है’, ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ और ‘दिल गम से जल रहा है’ शामिल हैं।
संगीत जगत के एक स्वर्णिण अध्याय का अंत
सुमन कल्याणपुरी ने सिर्फ हिंदी बल्कि मराठी, असमिया, कन्नड़, बंगाली, उड़िया समेत कई भारतीय भाषाओं में गीत गाए। फिल्मी गानों के अलावा उन्होंने भजन, गजल और ठुमरी गायन में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी बहुमुखी गायकी ने ही उन्हें विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के श्रोताओं के बीच लोकप्रिय बनाया। दिग्गज गायकी के निधन के साथ भारतीय संगीत जगत का एक स्वर्णिण अध्याय समाप्त हो गया।
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