अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (30 अप्रैल 2026) को ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका की तरफ से किए गए सैन्य अभियान के बावजूद वह इसे जंग नहीं मानते. ट्रंप के मुताबिक, इस कार्रवाई में ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान हुआ है और अब वह समझौते के लिए बेचैन है.
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी हद तक खत्म हो चुकी है. उन्होंने कहा कि ईरान की ड्रोन निर्माण क्षमता में करीब 82% की कमी आई है और उसके परमाणु कार्यक्रम को भी पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है.
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ट्रंप ने किया भारत-पाकिस्तान संबंधों का जिक्र
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने दुनिया में कई संघर्षों को सुलझाने में भूमिका निभाई है. उन्होंने दावा किया कि अब तक आठ बड़े विवादों को उन्होंने शांत कराया है और कई देशों ने इसके लिए उन्हें धन्यवाद पत्र भी भेजे हैं. भारत-पाकिस्तान संबंधों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने के लिए टैरिफ़ का इस्तेमाल किया. उनके अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर जंग जारी रहा तो आर्थिक कदम उठाए जाएंगे. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस हस्तक्षेप से संभावित बड़े नुकसान को टाला जा सका. बता दें कि पिछले साल भारत ने पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत सैन्य कार्रवाई की थी, जिसकी वजह से पाकिस्तान को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा था.
ईरान की आर्थिक स्थिति कमजोर-ट्रंप
ट्रंप ने ये भी संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सख्त रणनीति जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि ईरानी बंदरगाहों पर नेवल ब्लॉकेड प्रभावी है और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर साफ दिख रहा है. ट्रंप के अनुसार, ईरान की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है और आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
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