एशियन गेम्स में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार को भारत की महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया। ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क में खेले गए इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय तिकड़ी- ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनीपार्थी और पृथिका प्रदीप- ने बेहतरीन तालमेल और सटीक निशानों के दम पर चीन को 238-234 के अंतर से हराकर अपना एशियाई खेलों का खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा।
भारतीय टीम ने इस उपलब्धि के दौरान दक्षिण कोरिया के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। चीन की टीम में वुनियर, यूए वांग और फांगयाओ वेई शामिल थीं जिन्होंने रजत पदक जीता। भारत ने यहां ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क में सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 234-233 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। दक्षिण कोरिया की पार्क जंगयून, पार्क येरीन और कांग योनसेओ की टीम ने चीनी ताइपे को हराकर कांस्य पदक जीता।
एशियाई खेलों में दबदबा बरकरार
भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने एशियाई खेलों में अपना वर्चस्व कायम रखा है। इससे पहले 2023 में हांगझोउ में आयोजित एशियाई खेलों में भी भारतीय महिला टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। इस लगातार दूसरे स्वर्ण पदक ने साबित कर दिया है कि एशियाई और वैश्विक तीरंदाजी मंच पर भारतीय महिला तीरंदाज अब एक अपराजेय शक्ति बन चुकी हैं।
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