मध्य प्रदेश के अनुभवी ऑफ स्पिनर सारांश जैन को श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड में चुना गया है। उन्हें पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल गया। 33 वर्षीय स्पिनर की एंट्री पर पिता सुबोध जैन का रिएक्शन आया है।
‘तब सारांश को सिलेक्शन का पता चला’
सारांश को मंगलवार को जब 33 वर्ष की उम्र में पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया तो उनका और उनके परिवार का सपना साकार हो गया। इससे उनके पिता की लिखी बात भी सच साबित हो गई। यह मंगलवार का दिन था और हर मंगलवार की तरह तब सारांश हनुमान मंदिर में प्रार्थना कर रहे थे जब चयनकर्ताओं ने टीम की घोषणा की। सुबोध ने कहा, ”वह मंदिर के अंदर था और पहले फोन नहीं उठा पाया। वह जब बाहर आया तब उसे अपने सिलेक्शन के बारे में पता चला।” उन्होंने कहा, ”मैं बेहद खुश हूं। मैंने मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी खेली, लेकिन कई अन्य खिलाड़ियों की तरह मैं भी अपना सपना पूरा नहीं कर सका। आज मेरे बेटे ने इसे पूरा कर दिया है।”
सुबोध को अब भी एक अफसोस रह गया
मध्य प्रदेश के पूर्व ऑफ-स्पिनर सुबोध ने स्वीकार किया कि उन्हें अपने करियर में आगे नहीं बढ़ पाने का अब भी अफसोस है। उन्होंने कहा, ”जब मैं खेला करता था तब उत्तर प्रदेश के गोपाल शर्मा मध्य क्षेत्र के प्रमुख ऑफ स्पिनर थे। उन्हें प्राथमिकता दी जाती थी और वह भारत के लिए टेस्ट मैच भी खेले।” सुबोध ने ऑफ स्पिन कि यह कला अपने बेटे सारांश को सिखाई, जो अब उनके सपने को साकार करेगा। उन्होंने कहा, ”अब वह रविचंद्रन अश्विन के वीडियो देखता है और सीखता रहता है, लेकिन जब उसने शुरुआत की थी तब मैं उसका आदर्श था। मैंने अपने बेटे सहित रणजी ट्रॉफी में खेलने वाले कई खिलाड़ियों को कोचिंग दी है।” इस पूर्व ऑफ स्पिनर ने नौ रणजी ट्रॉफी मैचों में 23 विकेट लिए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें शुरू से ही पता था कि उनका बेटा दूसरों से अलग है।
सुबोध की अपने बेटे के लिए एक ही सलाह
सुबोध ने कहा, ”मुझे इसका अहसास तब हुआ जब वह अंडर-12 क्रिकेट खेल रहा था। सारांश और रजत पाटीदार 11 साल की उम्र से साथ खेलते आ रहे हैं। उसे खेलते हुए देखने वाले लोगों ने मुझे बताया कि उसमें कुछ खास बात है। बेशक मैं उसका कोच हूं, लेकिन मैं उसका पिता भी हूं।” सारांश के लिए यह सफर हालांकि आसान नहीं रहा। उन्होंने तमिलनाडु के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में अपने डेब्यू मैच में पांच विकेट लिए, लेकिन जल्द ही उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। सुबोध ने कहा, ”चंद्रकांत पंडित (मध्य प्रदेश के पूर्व कोच) ने उसमें कुछ खास देखा। प्रतिभा की पहचान करने में पंडित का कोई सानी नहीं था।” सारांश ने मध्य प्रदेश की रणजी ट्रॉफी में जीत में बल्ले और गेंद दोनों से अहम भूमिका निभाई। उन्होंने दलीप ट्रॉफी के दो मैचों में 16 विकेट लिए और ईरानी कप में भी अच्छा प्रदर्शन किया। सुबोध की अपने बेटे के लिए एक ही सलाह है, ”बेटा अगर मौका मिले तो बिंदास खेलना। किसी तरह का दबाव मत लेना।”
श्रीलंका सीरीज के लिए भारत का टेस्ट स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।
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