Benching in relationships: क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि कोई इंसान जब भी मिलता है आपसे प्यार भरी बातें करता है फिर हफ्तों तक गायब रहता है, और जैसे ही आप उसे भूलने की कोशिश करते हैं, अचानक उसके एक ‘हाय’ या ‘हेल्लो’ वाले नोटिफिकेशन से आपका फोन बज उठता है? आपको लगता है कि शायद उसे आपकी याद आ रही है, लेकिन सच तो ये है कि आप उनके लिए ‘प्यार’ नहीं, बल्कि सिर्फ एक ‘बैकअप प्लान’ हैं.
बेंचिंग एक तरह की ‘इमोशनल मैनिपुलेशन’ है जहाँ व्यक्ति आपको “Plan B” बनाकर रखता है.
असल में राहुन ने सिमरन बिठा रखा है. जब अंजलि बिजी होती है, राहुल सिमरन को मैसेज करता है. जब सिमरन गुस्सा होकर बात बंद करना चाहती है, राहुल उसे एक प्यारा सा गिफ्ट या “I miss you” भेज देता है ताकि सिमरन की उम्मीद बनी रहे. राहुल ने सिमरन को न तो ‘हां’ कहा है और न ही ‘ना’. सिमरन एक ऐसे रिश्ते में फंसी है जिसका कोई भविष्य नहीं है, जबकि राहुल के पास सिमरन एक ‘सेफ्टी नेट’ की तरह है.
बेंचिंग एक तरह की ‘इमोशनल मैनिपुलेशन’ है जहाँ व्यक्ति आपको “Plan B” बनाकर रखता है.
साइकोलॉजी टुडे जर्नल के अनुसार, बेंचिंग एक तरह की ‘इमोशनल मैनिपुलेशन’ है जहाँ व्यक्ति आपको “Plan B” बनाकर रखता है. इसे “Breadcrumbing” का ही एक एडवांस वर्जन माना जाता है. कई भारतीय रिलेशनशिप कोच बताते हैं कि 2026 में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण लोग ‘ऑप्शन’ खोने से डरते हैं (FOMO), इसीलिए वे किसी को पूरी तरह छोड़ते नहीं बल्कि “बेंच” (Standby) पर रखते हैं.
खुद को ‘इस्तेमाल’ होने से कैसे बचाएं(How to stop being someone’s second choice)?
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि ‘बेंचिंग’ आपकी मेंटल हेल्थ और सेल्फ-कॉन्फिडेंस को पूरी तरह तोड़ सकती है. इससे बचने के लिए आपको ये कदम उठाने होंगे:
- साफ बात करें (No More Mind Games): अगर आपको शक है, तो सीधे पूछें, “हमारा रिश्ता किस मोड़ पर है?” अगर जवाब गोल-मोल मिले, तो समझ जाएं कि आपकी जगह बेंच पर ही है.
- अपनी बाउंड्री तय करें: अगर कोई आपको तभी याद करता है जब वो अकेला हो, तो अगली बार उसका रिप्लाई तुरंत न दें. अपनी अहमियत समझें.
- खुद को ‘ऑप्शन’ न बनने दें: याद रखिए, आप कोई ‘बैकअप प्लान’ नहीं हैं. अगर सामने वाला इंसान आपके लिए 100% श्योर नहीं है, तो उसे अपनी जिंदगी से बाहर का रास्ता दिखाने में ही भलाई है.
दरअसल, आज के फास्ट-फॉरवर्ड लाइफ में लोग ‘FOMO’ (छूट जाने का डर) के चक्कर में कई लोगों को एक साथ लटका कर रखते हैं. तो अगली बार जब कोई आपको ‘होल्ड’ पर रखे, तो आपके लिए जरूरी है कि आप उसे ‘ब्लॉक’ करें और जीवन में आगे बढ़ें!
About the Author
मैंने लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमन से अपनी ग्रेजुएशन और मिरांडा हाउस से मास्टर्स की डिग्री पूरी की है. पत्रकारिता करियर की शुरुआत दूरदर्शन(2009) से की, जिसके बाद दैनिक भास्कर सहित कई प्रमुख अख़बारों में मेनस्ट्र…और पढ़ें
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