इस दौरान सबसे बड़ी चिंता उन लोगों कि जिनके घरों में पालतू जानवर हैं। ऐसे में पेट ओनर के मन में भी सवाल आता है कि क्या उनके प्यारे पेट्स भी जानलेवा वायरस को फैला सकते हैं। आइए आपको बताते हैं।
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, कुत्ते और बिल्ली इंसानों में हंतावायरस नहीं फैलाते हैं। हालांकि, कुत्ते और बिल्लियां इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं, यदि वे संक्रमित जंगली चूहों का शिकार करें या उनके संपर्क में आएं। लेकिन संक्रमित होने के बावजूद ये पालतू जानवर बीमार नहीं पड़ते और न ही इनमें कोई लक्षण दिखाई देते हैं। सबसे जरुरी बात यही है कि वे अपने शरीर से इस वायरस को इंसानों में ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे।
अब किन जानवरों से सावधान रहना चाहिए?
पालतू जानवर खुद इस वायरस को सीधे इंसानों तक नहीं पहुंचाते, लेकिन उनके जरिए संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। यदि आपका कुत्ता या बिल्ली किसी संक्रमित चूहे को पकड़कर घर में ले आए, तो उस चूहे के पेशाब, लार या मल के संपर्क में आने से लोगों में संक्रमण फैलने की आशंका रहती है।
किन जानवरों में जोखिम सबसे ज्यादा है?
बहुत से लोग अपने घर में हैम्स्टर, खरगोश या पालतू चूहों को पालना पसंद करते हैं। CDC की रिपोर्ट के मुताबिक, हंतावायरस का संक्रमण ज्यादातर जंगली कृंतकों जैसे डियर माउस, व्हाइट-फुटेड माउस और कॉटन रैट के जरिए फैलता है। वहीं, पालतू जानवरों की दुकानों से खरीदे गए चूहे या छोटे पालतू जीव सामान्यतः इस वायरस से संक्रमित नहीं पाए जाते।
लेकिन, इन पालतू जानवरों को ऐसी जगह रखा जाएं, जहां जंगली चूहों का आना-जाना हो, तो इन्फेक्शन का खतरा अधिक हो जाता है। इसके साथ ही घर में 5 साल से कम उम्र के बच्चे हो, प्रेग्नेंट महिलाएं या कमजोर इम्युनिटी वाले लोग हों, उन्हें घर में रोडेंट्स रखने से बचें।
कैसे इंफेक्शन फैलता है?
हंतावायरस फैलने का मुख्य कारण इन्फेक्टेड रोडेंट के यूरिन, मल या लार से फैलता है। किसी संक्रमित जानवर के काटने या नोचने से भी यह वायरस फैल सकता है। इसके अलावा किसी दूषित सामग्री को छूने के बाद नाक, मुंह या आंखों को छूने से भी यह फैलता है।
बचाव के लिए क्या करें?
– किसी भी तरह से चूहों के मूत्र, मल, लार या घोंसले के सीधे संपर्क आनें से बचना चाहिए।
– घर, गैरेज या स्टोर रूम में मौजूद उन छेदों और दरारों को सील कर दें जहां से चूहे अंदर आ रहे हैं।
– यदि आपको चूहे की गंदगी साफ करनी है, तो वहां झाड़ू न लगाएं। क्योंकि वायरस हवा में उड़ सकता है और नाक के द्वारा सीधे शरीर में प्रवेश कर सकता है। इसलिए उस जगह पर ब्लीच या डिसइंफेक्टेंट से गीला करें। इसके बाद सावधानी से साफ करें।
– अपने पेट्स के खाने और इंसानी खाने को एयरटाइट कंटेनर में रखें जिससे जंगली चूहे आकर्षित न हो।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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