Desi Ghee Recipe: भारतीय घरों में घी सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद जरूरी माना जाता है. आजकल बाजार में घी तो हर जगह मिल जाता है, लेकिन उसकी शुद्धता पर सवाल जरूर उठते हैं. कहीं मिलावट का डर, तो कहीं केमिकल का इस्तेमाल. कई बार बाजार का घी खाने से सेहत पर भी असर पड़ सकता है. शहरों में अधिकांश लोग इसे बाजार से खरीदते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि शहरों में भी आप अपने घर पर गांवों की तरह दूध से घी बना सकते हैं. वो भी आसानी से. (रिपोर्ट: सावन पाटिल/खंडवा)
घर पर बना घी अधिक शुद्ध, स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है, इसलिए जितना हो सके घर पर बना घर ही खाना चाहिए. लेकिन, आजकल की व्यस्त जीवनशैली में लोग समय बचाने के लिए बाजार से पैक्ड घी ले आते हैं. लेकिन अगर आप चाहें तो बहुत ही कम समय और मेहनत में घर पर शुद्ध देशी घी बना सकते हैं अपने घर पर. इसे किसी साफ और सूखे बर्तन में भरकर कई दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है.

देखा जाए तो बिना देसी घी के खाना अधूरा लगता है. चाहे दाल में तड़का हो, रोटी पर घी की धार हो या फिर मेहमानों की थाली, हर जगह घी की खुशबू ही स्वाद की शुरुआत कराती है. निमाड़ के इस अनोखे तरीके से बना देसी घी न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि बिल्कुल बाजार जैसा दानेदार भी बनता है. सबसे अच्छी बात ये कि इसमें न कोई मिलावट होती है और न ही किसी तरह का केमिकल. इसे लंबे समय तक स्टोर भी किया जा सकता है.

वहीं, घर पर देसी घी बनाना कोई आसान काम नहीं. फिर भी कई बार दूध की कमी वजह से शुद्ध और दानेदार देसी घी नहीं बन पाता. ऐसे में अगर आप भी महंगे और मिलावटी घी से परेशान हैं, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है. आप घर पर ही बिल्कुल बाजार जैसा दानेदार और शुद्ध देसी घी बना सकते हैं, वो भी सिर्फ 25 मिनट में. यह तरीका कोई नया नहीं है, बल्कि निमाड़ अंचल के गांवों में सालों से अपनाया जा रहा है. इस देसी प्रक्रिया से बना घी न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि खुशबू और दानेदारी में भी बाजार के घी को मात देता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

जैन दूध भंडार के संचालक नवनीत अग्रवाल बताते हैं, घर पर शुद्ध घी बनाने के लिए सबसे जरूरी है अच्छे और शुद्ध दूध की मलाई. अगर आप रोज घर पर दूध उबालते हैं तो दूध के ऊपर जमने वाली मलाई को रोज निकालकर किसी साफ बर्तन में जमा करते रहें. कुछ दिनों में जब मलाई अच्छी मात्रा में इकट्ठा हो जाए, तब आप घी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं. ध्यान रखें, अगर आपके पास फ्रिज है तो मलाई को फ्रिज में ही रखें, ताकि खराब न हो.

जब पर्याप्त मलाई इकट्ठा हो जाए तब उसे फ्रिज से बाहर निकाल लें. अब एक गोल बर्तन में सारी मलाई डालें. इसके बाद लकड़ी की मथानी या डंडे से मलाई को मथना शुरू करें. गर्मी के मौसम में मथते समय थोड़ा ठंडा पानी जरूर मिलाएं. इससे मक्खन जल्दी और अच्छे से निकलता है. लगातार मथने पर कुछ ही देर में मक्खन और छाछ अलग-अलग होने लगते हैं. जब ऊपर सफेद-सफेद मक्खन इकट्ठा हो जाए और नीचे छाछ रह जाए, तब समझ लीजिए आपकी मेहनत सफल हो गई.

अब इस निकले हुए मक्खन को एक मोटे तले की कढ़ाही या पैन में डालें. गैस की आंच मध्यम रखें और मक्खन को धीरे-धीरे पकने दें. कुछ ही मिनटों में मक्खन पिघलने लगेगा और उसमें झाग दिखाई देगा. थोड़ी देर बाद मक्खन से खुशबू आने लगेगी और उसका रंग हल्का सुनहरा होने लगेगा. यही वो समय होता है, जब घी दानेदार बनना शुरू करता है. जब नीचे हल्का ब्राउन रंग दिखने लगे और खुशबू तेज हो जाए, तब गैस बंद कर दें. इसके बाद घी को ठंडा होने दें और सूती कपड़े या छन्नी से छान लें.

छानने के बाद इस घी को किसी कांच के जार या स्टील के बर्तन में भरकर रख लें. यह घी लंबे समय तक खराब नहीं होता. इसकी खुशबू पूरे घर में फैल जाती है. इस तरीके से बना घी न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि बिल्कुल बाजार जैसा दानेदार भी बनता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें न कोई मिलावट होती है और न ही किसी तरह का केमिकल.
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.