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‘रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट’ आर माधवन की डायरेक्टर के तौर पर पहली फिल्म है।
‘3 इडियट्स’, ‘धुरंधर’, ‘रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट’, ‘तनु वेड्स मनु’ और ‘रहना है तेरे दिल में’ जैसी कई फिल्मों में दमदार एक्टिंग करने वाले आर माधवन की गिनती बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री के सबसे टैलेंटेड, सिंपल और वर्सेटाइल एक्टर्स में होती है।
आर माधवन का ‘3 इडियट्स’ में निभाया गया फरहान का किरदार और उसका डायलॉग ‘अब्बा नहीं मानेंगे’ आज भी सोशल मीडिया पर बने मीम्स में लोकप्रिय है। हालांकि यह कम लोग जानते हैं कि फरहान का किरदार माधवन की रियल लाइफ से काफी जुड़ा हुआ था।
असल जिंदगी में भी उन्होंने अपने पिता से कहा था कि उन्हें नहीं पता वह क्या बनना चाहते हैं, लेकिन वह इंजीनियर नहीं बनना चाहते। यही वजह थी कि फरहान के किरदार की भावनाएं और संघर्ष पर्दे पर इतने नेचुरल लगे।
आज आर माधवन 56 साल के हो चुके हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े किस्से-
सेना में शामिल होना चाहते थे
आर माधवन का जन्म 1 जून 1970 को झारखंड के जमशेदपुर (तब बिहार) में एक तमिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता टाटा स्टील में मैनेजमेंट एग्जीक्यूटिव थे और मां बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर थीं।
कॉलेज के दौरान माधवन ने एनसीसी में हिस्सा लिया और भारत की तरफ से कई कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने ब्रिटिश आर्मी, नेवी और एयर फोर्स के साथ ट्रेनिंग भी की।
वे भारतीय सेना में शामिल होना चाहते थे, लेकिन जब तक वे ट्रेनिंग पूरी कर लौटे, तब तक शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) की तय उम्र सीमा से वे सिर्फ 6 महीने बड़े हो चुके थे और नियमों के कारण वे सेना में शामिल नहीं हो पाए।

आर. माधवन ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जमशेदपुर के डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल से पूरी की है।
माधवन ने पिता से कहा था- मैं इंजीनियरिंग नहीं करना चाहता
आर माधवन एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटीज, एनसीसी और कम्युनिकेशन में बेहद तेज, लेकिन पढ़ाई के मामले में एवरेज स्टूडेंट थे।
माधवन ने रणवीर अलाहबादिया को दिए इंटरव्यू में बताया था, ‘मैं 8वीं में फेल हो गया था। मैथ्स में 39% आए थे। स्कूल ने मुझे अगली क्लास में जाने नहीं दिया।’
एक्टर ने बताया था कि उनके पैरेंट्स इस बात से बेहद दुखी थे। दक्षिण भारतीय परिवार से आने वाले उनके पैरेंट्स चाहते थे कि बेटा इंजीनियर बने, टाटा स्टील में नौकरी करे और एक स्थिर जिंदगी जिए।
उन्होंने कहा था, ‘मेरे पैरेंट्स को लगता था कि मैं जिंदगी में कुछ नहीं कर पाऊंगा। उन्हें डर था कि मेरी शादी तक नहीं होगी।’
बाद में जब माधवन को इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन नहीं मिला, तब उनके पिता टूट गए थे। माधवन ने बताया था कि उनके पिता की आंखों में आंसू थे।
माधवन ने कहा था, ‘पिता ने मुझसे पूछा- मैंने तुम्हारे साथ क्या गलत किया है? तुम करना क्या चाहते हो?’ इस पर उन्होंने कहा, उन्हें नहीं पता वो क्या करना चाहते हैं, लेकिन वो इंजीनियरिंग नहीं करना चाहते।

आर माधवन के बेटे और पिता के साथ उनकी तस्वीर।
अपनी स्टूडेंट से शादी की
आर माधवन और उनकी पत्नी सरिता बिरजे की लव स्टोरी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दिलचस्प बात ये है कि जिस लड़की से आगे चलकर माधवन ने शादी की, वो कभी उनकी स्टूडेंट हुआ करती थीं।
माधवन जब कोल्हापुर में बीएससी में ग्रेजुएशन कर रहे थे, इसी दौरान उन्होंने पब्लिक स्पीकिंग का कोर्स शुरू किया। उन दिनों कोल्हापुर में उनकी क्लासेस काफी मशहूर थीं। माधवन और सरिता की पहली मुलाकात भी इन्हीं क्लासेस के दौरान हुई थी।
‘द बॉम्बे जर्नी’ में माधवन ने कहा था, ‘वो (सरिता) अपनी कजिन से मिलने कोल्हापुर आई थीं। उनकी कजिन मेरी क्लासेस में पढ़ती थीं।’
इसके बाद सरिता भी आर माधवन की स्टूडेंट बनीं और उनसे पब्लिक स्पीकिंग की क्लासेस लीं।
कोर्स खत्म होने के बाद सरिता एयर होस्टेस बन गईं। इसके पीछे वो माधवन की क्लासेस को ही वजह मानती थीं। इसके बाद उन्होंने माधवन को डिनर पर बुलाया। इसके बाद दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई और बाद में दोनों ने शादी की।

आर माधवन ने 7 जून 1999 को सरिता बिरजे से शादी की थी। शादी से पहले दोनों ने लगभग 8 साल तक एक-दूसरे को डेट किया था ।
मणिरत्नम का फोन आया तो लगा दोस्त मजाक कर रहे हैं
आर माधवन ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत टीवी सीरियल्स से की। उन्होंने ‘बनेगी अपनी बात’, ‘घर जमाई’, ‘सी हॉक्स’ और ‘आहट’ जैसे शो में काम किया।
फिल्मों में उनका बड़ा ब्रेक डायरेक्टर मणिरत्नम की फिल्म ‘अलैपायुथे’ से मिला। मणिरत्नम से जुड़ा भी दिलचस्प किस्सा है।
दरअसल, 90 के दशक में माधवन सिनेमैटोग्राफर संतोष सिवन के साथ एक विज्ञापन शूट कर रहे थे। उसी दौरान संतोष ने उनकी कुछ तस्वीरें मणिरत्नम को दिखाई थीं। इसके बाद मणिरत्नम ने माधवन को अपनी फिल्म ‘इरुवर’ के लिए फोन किया।
जब उन्हें कॉल में कहा गया कि वो मणिरत्नम बोल रहे हैं, तो माधवन को लगा कि उनके दोस्त मजाक कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने फोन काट दिया।
इसके बाद मणिरत्नम ने एक बार फिर कॉल किया। इस बार वो तमिल में बात करने लगे। तब उन्हें यकीन हुआ कि मणिरत्नम ही हैं, क्योंकि उनके दोस्त तमिल में बात नहीं कर सकते थे।
मणिरत्नम ने माधवन से बात की, ऑडिशन के लिए बुलाया, लेकिन उन्हें फिल्म के लिए रिजेक्ट कर दिया। यह कहते हुए कि उनकी आंखें बहुत कम उम्र की लगती हैं, इसलिए वो उस रोल में फिट नहीं बैठते। हालांकि, उन्होंने वादा किया कि भविष्य में वो जरूर साथ काम करेंगे।
मणिरत्नम ने माधवन को अपनी फिल्म ‘अलैपायुथे’ में कास्ट किया। इसी फिल्म से लीड रोल के तौर आर माधवन का करियर शुरू हुआ। फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई और वो स्टार बन गए। इस फिल्म का हिंदी रीमेक ‘साथिया’ के नाम से बनाया गया था।

आर माधवन और मणिरत्नम ने ‘अलैपायुथे’ (2000), ‘कन्नथिल मुथामित्तल’ (2002) और ‘आयथा एझुथु’ (2004) जैसी फिल्मों में साथ काम किया है।

शराब वाला सीन असली दिखाने के लिए शराब पी
फिल्म ‘3 इडियट्स’ की गिनती आर माधवन की सबसे फेमस फिल्मों में होती है। उनका रोल फरहान आज की पीढ़ी में भी बहुत फेमस है और इस पर कई मीम भी बने।
इस फिल्म के शराब वाले सीन को असली दिखाने के लिए तीनों एक्टर्स आमिर खान, आर माधवन और शरमन जोशी ने सचमुच शराब पी ली थी।
माधवन ने रणवीर अलाहबादिया के पॉडकास्ट में बताया था कि ये आइडिया आमिर खान का था। उनका मानना था कि नशे की एक्टिंग करने से बेहतर है थोड़ा सचमुच पी लिया जाए, क्योंकि असली नशे में इंसान नॉर्मल बनने की कोशिश करता है।
माधवन ने कहा था, ‘आमिर का कहना था कि कभी शराबी बनने की एक्टिंग मत करो। शराब पीकर नॉर्मल बनने की कोशिश करो, तभी वो असली लगेगा।’
तीनों ने प्लान बनाया कि शूटिंग से पहले 3-4 पेग लेंगे और फिर सीन शूट करेंगे, लेकिन तभी शूटिंग में तकनीकी दिक्कत आ गई और शूट 2 घंटे लेट हो गया।
माधवन ने हंसते हुए बताया था, ‘हमने सोचा कि शरीर में उतना ही अल्कोहल बनाए रखना है, इसलिए पीते रहे, लेकिन हमें नहीं पता था कि बैंगलोर की ठंडी हवा शराब का असर इतना बढ़ा देगी।’
उन्होंने कहा था, ‘जब शूट शुरू हुआ तो हमें लग रहा था कि हम बिल्कुल नॉर्मल हैं, लेकिन असल में एक-एक डायलॉग बोलने में घंटों लग रहे थे।’

‘3 इडियट्स’ में आर माधवन का किरदार फरहान कुरैशी फोटोग्राफर बनना चाहता है, लेकिन परिवार के दबाव में इंजीनियरिंग करता है।
‘रॉकेट्री’ के लिए दांत तक तुड़वा लिए थे माधवन
‘रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट’ सिर्फ आर माधवन की फिल्म नहीं थी, यह उनका पैशन था। माधवन ने फिल्म में साइंटिस्ट नांबी नारायणन का रोल करने के लिए खुद को पूरी तरह बदल लिया था।
आजकल फिल्मों में उम्र बदलने के लिए ज्यादातर एक्टर्स प्रोस्थेटिक मेकअप का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन माधवन ने आसान रास्ता नहीं चुना।
उन्होंने लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म में 29 साल से लेकर 80 साल तक का लुक दिखाना था और इसके लिए उन्होंने कोई प्रोस्थेटिक इस्तेमाल नहीं किया।
माधवन ने कहा था, ‘हमने कोई प्रोस्थेटिक यूज नहीं किया। मैंने सच में वजन बढ़ाया, वजन घटाया, बाल बढ़ाए।’
सबसे दर्दनाक बदलाव उनके दांतों का था। माधवन ने बताया था कि नांबी नारायणन जैसा दिखने के लिए उन्होंने अपने दांतों की बनावट तक बदलवा दी थी।
उन्होंने कहा था- ‘मैंने अपने दांत टेढ़े करवाए। उन्हें वापस ठीक होने में डेढ़ साल लगे।’

फिल्म ‘रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट’ इसरो (ISRO) के एयरोस्पेस इंजीनियर और वैज्ञानिक एस. नांबी नारायणन के जीवन पर आधारित थी।

आर माधवन पद्म श्री अवार्ड लेने नहीं पहुंचे थे। तस्वीर उनके नेशनल अवार्ड मिलने की है।
‘रॉकेट्री’ में शाहरुख खान ने फ्री में काम किया था
फिल्म ‘रॉकेट्री’ में शाहरुख खान ने कैमियो किया था और इसके लिए उन्होंने कोई फीस नहीं ली थी। माधवन ने बताया था कि उस समय वो शाहरुख के साथ फिल्म ‘जीरो’ में काम कर रहे थे। उसी दौरान शाहरुख के जन्मदिन पर उन्होंने ‘रॉकेट्री’ की कहानी सुनाई।
लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में माधवन ने कहा था, ‘शाहरुख ने मुझसे कहा- मैडी, मैं तुम्हारी फिल्म का हिस्सा बनना चाहता हूं।’
माधवन को पहले लगा कि शाहरुख मजाक कर रहे हैं। उन्होंने उन्हें गले लगाया और धन्यवाद कहकर बात खत्म कर दी। लेकिन शाहरुख सीरियस थे।
माधवन ने बताया था, ‘उन्होंने कहा- नहीं यार, मैं सीरियस हूं। मुझे कुछ भी करा लो, बैकग्राउंड में खड़ा कर दो, लेकिन मैं तुम्हारी फिल्म का हिस्सा बनना चाहता हूं।’
कुछ दिन बाद माधवन की पत्नी सरिता ने उन्हें टोका कि शाहरुख ने इतनी प्यार से बात कही थी, कम से कम उन्हें मैसेज तो करना चाहिए। इसके बाद माधवन ने शाहरुख के मैनेजर को मैसेज किया।
एक्टर ने कहा था, ‘तुरंत जवाब आया- शाहरुख पूछ रहे हैं, डेट्स कब देनी हैं?’ माधवन को तब भी यकीन नहीं हो रहा था। उन्होंने सोचा था कि शायद सिर्फ दिल रखने के लिए कहा गया होगा, लेकिन शाहरुख ने पूरा समय निकालकर शूटिंग की।
माधवन ने बताया था, ‘शाहरुख अपनी पूरी टीम के साथ आए थे। उन्होंने डायलॉग समझने के लिए अलग से राइटर तक रखा था। उन्होंने मुझसे एक पैसा नहीं लिया।’

फिल्म ‘रॉकेट्री’ में शाहरुख खान शो होस्ट के रोल में नजर आए थे, जो नंबी नारायणन (आर माधवन) का इंटरव्यू लेते हैं।
बेटे के करियर के लिए दुबई शिफ्ट हो गए थे माधवन
आर माधवन के बेटे वेदांत माधवन ने स्विमिंग को अपना करियर चुना है। नेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 5 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल जीते। माधवन ने बेटे वेदांत के करियर के चलते दुबई में शिफ्ट होने का फैसला किया।
दरअसल, वेदांत प्रोफेशनल स्विमिंग की ट्रेनिंग ले रहे थे। तभी कोविड आ गया और भारत में स्विमिंग पूल बंद हो गए।
रणविजय सिंह के साथ बातचीत में माधवन ने बताया था, ‘मैंने बहुत पहले पढ़ा था कि 9 से 15 साल की उम्र बच्चों का ग्रोथ स्पर्ट पीरियड होता है। उसी समय उन्हें सबसे ज्यादा एक्सरसाइज और फिजिकल ट्रेनिंग की जरूरत होती है।’
उन्होंने कहा था, ‘दुर्भाग्य या सौभाग्य से वेदांत का ग्रोथ स्पर्ट कोविड के दौरान आया। भारत में सारे पूल बंद थे, तो हम बहुत परेशान थे।’
माधवन ने बताया था कि एक दिन उनकी पत्नी सरिता ने फैसला लिया कि अब इंतजार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा था, ‘मेरी पत्नी ने कहा- बस बहुत हो गया। दुबई में पूल खुले हैं। वो अगस्त 2020 में अकेले ही वेदांत को लेकर दुबई चली गईं।’
माधवन ने बताया था कि कुछ समय बाद वो भी दुबई जाकर परिवार के साथ बस गए। वहां वेदांत ने जमकर ट्रेनिंग की और उसी दौरान उसने भारत के लिए मेडल जीतने शुरू किए।

आर माधवन ने पान मसाला विज्ञापन ठुकरा दिया था
आज जहां कई बड़े सितारे पान मसाला और गुटखा ब्रांड्स का प्रचार करते नजर आते हैं, वहीं माधवन ने करोड़ों रुपए का ऑफर सिर्फ इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि वो अपने दर्शकों के सामने गलत संदेश नहीं देना चाहते थे।
दरअसल, एक बड़ी पान मसाला कंपनी अपने ब्रांड के लिए नया चेहरा तलाश रही थी। कंपनी चाहती थी कि माधवन उसका प्रचार करें। इसके लिए उन्हें बड़ी रकम ऑफर की गई, लेकिन माधवन ने साफ इनकार कर दिया।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, माधवन का मानना था कि एक पब्लिक फिगर होने के नाते उनकी जिम्मेदारी सिर्फ पैसा कमाना नहीं, बल्कि लोगों पर पड़ने वाले असर को समझना भी है।

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