अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन होटल का कमरा बुक करते समय कथित तौर पर ठगी का शिकार हुए लोगों से कई शिकायतें मिलने के बाद अपराध शाखा के साइबर प्रकोष्ठ ने कार्रवाई शुरू की. पुरी के एक पुलिस थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में, राजस्थान के एक पर्यटक ने आरोप लगाया कि उसने एक वेबसाइट के जरिए अपने परिवार के लिए तीन कमरे बुक किए थे. होटल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उनके नाम पर ऐसी कोई बुकिंग नहीं की गयी थी.
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46 फर्जी वेबसाइटें ब्लॉक
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘सिर्फ पिछले हफ्ते ही, अपराध शाखा के साइबर विशेषज्ञों ने पर्यटकों को ठगने वाली 46 फर्जी वेबसाइटों का पता लगाया. सबसे ज्यादा-11 वेबसाइट – 27 जून को ब्लॉक की गईं, जबकि 20 जून और 22 जून के बीच ऐसे 15 पोर्टल को बंद किया गया.’ अधिकारी ने कहा, ‘हम रथ यात्रा के दौरान पुरी आने वाले पर्यटकों को निशाना बनाने वाली नकली होटल बुकिंग वेबसाइटों की पहचान करने और उन्हें ब्लॉक करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं.’
ऐसे रचते थे जाल
अधिकारी ने कहा कि धोखाधड़ी करने वाले सालाना त्योहार का फायदा उठा रहे थे. इस उत्सव में लाखों श्रद्धालु पुरी आते हैं. अधिकारी ने कहा, ‘उन्होंने कमरे का आकर्षक किराया, वीआईपी दर्शन और दूसरी सेवाओं की पेशकश करने वाले नकली पोर्टल बनाए हैं और मासूम श्रद्धालुओं से अग्रिम भुगतान की मांग कर रहे हैं.’ काम करने के तरीके के बारे में बताते हुए अधिकारी ने कहा कि धोखाधड़ी करने वाले आम तौर पर असली होटलों की वेबसाइट की क्लोन बनाते थे या ऐसी मिलती-जुलती वेबसाइटें बनाते थे जो ऑनलाइन सर्च रिज़ल्ट में प्रमुखता से दिखाई देती थीं. अपराध शाखा के सूत्रों ने बताया कि पिछले एक साल में ओडिशा में ऑनलाइन होटल बुकिंग के दौरान ऐसे घोटालों में लगभग 30 पर्यटकों को करीब 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है.
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