- फोन चोरी होते ही तुरंत सिम ब्लॉक करें, डिवाइस ट्रैक या लॉक करें,
आज स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और मैसेज करने वाला डिवाइस नहीं रह गया है. इसमें हमारे बैंकिंग ऐप्स, UPI, ईमेल, सोशल मीडिया, फोटो और कई जरूरी पर्सनल जानकारियां मौजूद रहती हैं. ऐसे में फोन चोरी या खो जाने पर चिंता सिर्फ डिवाइस की कीमत को लेकर नहीं होती है, बल्कि उसमें मौजूद डेटा और अकाउंट्स की सुरक्षा भी बड़ी चिंता बन जाती है. इसी वजह से Android में फोन चोरी होने की स्थिति में डेटा को सुरक्षित रखने के लिए कई सुरक्षा फीचर्स दिए जा रहे हैं. Android 17 में इन सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया गया है, जिससे चोर फोन हाथ लगने के बाद भी आसानी से डेटा तक न पहुंच सके. ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि फोन चोरी होने के बाद भी डेटा कैसे बच सकता है.
फोन चोरी होने के बाद भी डेटा कैसे बच सकता है?
Android 17 में Failed Authentication Lock और Identity Check जैसी सुरक्षा सुविधाओं को मजबूत किया गया है. कुछ सपोर्टेड डिवाइस में गलत PIN या पासवर्ड डालकर बार-बार कोशिश करने की सीमा कम की गई है और गलत प्रयासों के बीच इंतजार का समय बढ़ाया गया है. इसका मकसद ऐसे लोगों को रोकना है, जो तेजी से अलग-अलग PIN डालकर फोन का लॉक तोड़ने की कोशिश करते हैं.
वहीं Google के Find Hub ऐप का Mark as lost फीचर में फोन को सामान्य PIN या पासकोड के साथ बायोमेट्रिक से भी लॉक करने का ऑप्शन दिया गया है. अगर चोर को आपका PIN पता भी हो, तब भी Mark as lost करने के बाद कुछ संवेदनशील कामों तक उसकी पहुंच मुश्किल हो सकती है. इसके साथ Quick Settings छिपाए जा सकते हैं और नए Wi-Fi साथ ही Bluetooth कनेक्शन को भी रोका जा सकता है.
फोन चोरी होते ही क्या करें?
फोन चोरी होते ही सबसे पहले अपनी SIM को ब्लॉक कराना जरूरी है. मोबाइल ऑपरेटर के कस्टमर केयर से संपर्क करके SIM को सस्पेंड कराया जा सकता है, जिससे उस नंबर पर आने वाले OTP, कॉल और मैसेज रुक जाते हैं. इसके बाद फोन को लॉक या डेटा डिलीट करने के लिए Android में Find My Device और iPhone में Find My iPhone जैसे फीचर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे फोन की लोकेशन देखने, उसे लॉक करने या जरूरी होने पर डेटा हटाने में मदद मिलती है.
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UPI और पासवर्ड की भी रखें सुरक्षा
फोन चोरी होने पर बैंक, UPI और वॉलेट ऐप्स को अस्थायी रूप से ब्लॉक या सस्पेंड कराने की सलाह दी गई है. इसके साथ किसी दूसरे डिवाइस से पहले ईमेल का पासवर्ड बदलें, फिर बैंकिंग, UPI, शॉपिंग और सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड अपडेट करें.
IMEI और फोन की रिपोर्ट करें
चोरी हुए फोन की FIR दर्ज कराना और IMEI नंबर की जानकारी देना भी जरूरी है. IMEI की मदद से फोन की पहचान, ट्रैक या ब्लॉक कराने की प्रक्रिया में सहायता मिल सकती है. जरूरत पड़ने पर यही रिकॉर्ड इंश्योरेंस क्लेम में भी काम आ सकता है.
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