रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाले गैस स्टोव से निकल रही फ्लेम के रंग को अक्सर चेक करते रहना चाहिए। क्योंकि कई बार फ्लेम से निकलने वाले रंग खतरे का साइन साबित हो सकते हैं। यहां जानिए गैस की फ्लेम के अलग-अलग रंगों का मतलब क्या है।
गैस की लौ के अलग-अलग रंगों का मतलब
नीले रंग की लौ
गैस चूल्हे से निकलने वाली नीले रंग की लौ को सबसे सामान्य और अच्छा माना जाता है। इस रंग से पता चलता है कि गैस सही मात्रा में ऑक्सीजन के साथ पूरी तरह जल रही है और सही हीट बना रही है।
पीली या नारंगी रंग की लौ
इस रंग की गैस की लौ से पता चलता है गैस पूरी तरह नहीं जल रही। इस रंग की लौ का मतलब यह हो सकता है कि गैस के साथ पर्याप्त हवा नहीं मिल रही है। इससे ज्यादा कार्बन जमा हो सकता है। ऐसा होने के पीछे बर्नर के गंदे छेद या हवा कम मिलना शामिल हो सकता है। इस लौ की वजह से बर्तन काले पड़ सकते हैं।
लाल रंग की लौ
कई-कभी बर्नर से लाल रंग की लौ दिखाई देती है। यह गैस लीक या बहुत ज्यादा कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। इसे बंद करें और अपना स्टोव चेक करें। कभी-कभी धूल, नमी या हवा में मौजूद कणों के कारण भी लौ लाल रंग की दिख सकती है।
हरे रंग की लौ
हरे रंग की लौ अक्सर गैस में मौजूद केमिकल या अशुद्धियों की वजह से होता है। यह कॉमन नहीं है। इसलिए तुरंत इसे चेक करें।
नीले सिरों के साथ नारंगी रंग
इसका मतलब बर्नर के छेद असमान होना या एलिमेंट का गंदा होना हो सकता है। सफाई करने से अच्छी लौ को ठीक करने में मदद मिल सकती है।
सफेद रंग की लौ
सफेद रंग की लौ इस बात का संकेत देती है कि गौस लाइन या बर्नर में बहुत ज्यादा एयर है। ये खतरनाक नहीं होती है ।
टिप- अगर गैस की गंध आए, लौ बार-बार बुझ जाए या रंग लगातार असामान्य रहे, तो चूल्हा बंद करके गैस सप्लाई की जांच कराएं।
डिस्क्लेमर- यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर-जनरेटेड कंटेट पर आधारित है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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