क्या है फॉर्म 16 और क्यों है यह जरूरी?
फॉर्म 16 आपके एंप्लॉयर की ओर से दिया गया एक सर्टिफिकेट है. इसमें आपकी कुल सैलरी, काटे गए टैक्स (TDS) और टैक्स बचाने के लिए किए गए निवेश (जैसे LIC, PPF, आदि) का पूरा ब्यौरा होता है. एक तरह से यह आपका ‘टैक्स रिपोर्ट कार्ड’ है. इसके 2 हिस्से होते हैं-
- भाग-A: इसमें आपके पैन, कंपनी के टैन (TAN) और तिमाही आधार पर काटे गए टैक्स (TDS) का विवरण होता है.
- भाग-B: इसमें आपकी ग्रॉस सैलरी, भत्ते, स्टैंडर्ड डिडक्शन और चैप्टर VI-A के तहत किए गए निवेश (जैसे LIC, PPF, 80C) की पूरी जानकारी होती है.
ITR फाइल करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
1. ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें
सबसे पहले इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं. अपने पैन (PAN) नंबर को यूजर आईडी के रूप में इस्तेमाल कर लॉगिन करें. अगर पहली बार आए हैं, तो रजिस्टर करें.
2. ‘File Income Tax Return’ चुनें
डैशबोर्ड पर ‘e-File’ सेक्शन में जाकर ‘Income Tax Returns’ और फिर ‘File Income Tax Return’ पर क्लिक करें. सही असेसमेंट ईयर (जैसे 2024-25) चुनें और ‘Online’ मोड सिलेक्ट करें.
3. सही फॉर्म का चुनाव (ITR-1)
अगर आपकी सालाना कमाई 50 लाख रुपये तक है और आय का जरिया सैलरी, एक घर और ब्याज है, तो आपको ITR-1 (Sahaj) फॉर्म चुनना होगा.
4. डेटा का मिलान करें
आजकल इनकम टैक्स पोर्टल ‘Pre-filled’ फॉर्म की सुविधा देता है. आपके फॉर्म 16 का डेटा पहले से वहां मौजूद होगा. बस अपने फॉर्म 16 से सैलरी, स्टैंडर्ड डिडक्शन और टैक्स कटौती के आंकड़ों को एक बार मैच कर लें.
5. टैक्स लायबिलिटी और ई-वेरिफिकेशन
सभी डिटेल भरने के बाद सिस्टम खुद ही बता देगा कि आपको और टैक्स देना है या आपका रिफंड बन रहा है. अंत में आधार OTP के जरिए अपना रिटर्न ई-वेरिफाई करना न भूलें. इसके बिना आपका आईटीआर अधूरा माना जाएगा.
ऑनलाइन शॉपिंग जैसा आसान
फॉर्म 16 के साथ आईटीआर फाइल करना उतना ही आसान है जितना ऑनलाइन शॉपिंग करना. खुद रिटर्न फाइल करने से आपके पैसे भी बचते हैं. ऐसे में इस बार सीए के चक्कर छोड़िए और खुद बनिए अपने ‘टैक्स एक्सपर्ट’.
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