दिल्ली प्रीमियर लीग में देव चौधरी के चयन को लेकर काफी बवाल हो गया है। उनकी फील्डिंग और बैटिंग के वीडियो वायरल हुए हैं और इसे देखकर लग रहा है कि वह इस स्तर पर खेलने के लिए फिट नहीं हैं, ऐसे में डीडीसीए अपने नियम को रिव्यू करेगा।
देव चौधरी के चयन से सब रह गए हैरान
नई दिल्ली टाइगर्स की टीम का प्रदर्शन जारी सीजन में बेहद निराशाजनक रहा। टीम ने 10 मैच खेलते हुए सिर्फ एक मैच जीता और पॉइंट्स टेबल में अंतिम पायदान पर रही। देव ने बतौर ओपनर दो मैच खेले। दिल्ली सुपरस्टार्स के खिलाफ मैच में खाता नहीं खुला, जबकि वेस्ट दिल्ली लायंस के खिलाफ 24 गेंद में 16 रन बनाकर आउट हुए। वेस्ट दिल्ली लायंस मैच में उनके बैटिंग स्टांस और शॉट खेलने के तरीकों ने सवाल खड़े किए। पावरप्ले में स्पिनर के खिलाफ उन्होंने पांच डॉट गेंदे खेली, जिसने सबको हैरान कर दिया कि आखिर ऐसा खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में रहने लायक है या नहीं।
दिल्ली प्रीमियर लीग के जारी सीजन में टूर्नामेंट के नियम में सभी आठ फ्रेंचाइजी को नीलामी के बाहर से अपनी पसंद के तीन खिलाड़ी चुनने की अनुमति दी थी, जिसके लिए कम से कम शर्त ये थी कि डीडीसीए लीग में पांच मैच खेलना थी। यह एक ऐसा नियम था जिसपर डीडीसीए एपेक्स काउंसिल के कई सदस्यों ने अपनी असहमति जताई थी। क्योंकि उन्हें डर था कि इससे बहुत अधिक भ्रष्टाचार होगा।
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