पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, महंगे कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भारतीय शेयर बाजार को झटका दिया है. सेंसेक्स और निफ्टी में हाल के दिनों में तेज गिरावट देखने को मिली है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार अब ओवरसोल्ड जोन में पहुंच गया है, जिससे अगले हफ्ते हल्की रिकवरी की संभावना बन सकती है.
मिडिल ईस्ट तनाव से टूटा बाजार, क्या अगले हफ्ते लौटेगी तेजी?(Image:AI)
ओवरसोल्ड जोन में पहुंचा बाजार
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल की तेज गिरावट के कारण बाजार अब तकनीकी रूप से ओवरसोल्ड स्थिति में पहुंच गया है. कई महत्वपूर्ण तकनीकी संकेतक निचले स्तर पर आ गए हैं. उदाहरण के तौर पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 30 से नीचे चला गया है, जो यह संकेत देता है कि बाजार में बिकवाली काफी ज्यादा हो चुकी है. ऐसे में छोटी अवधि में बाजार में हल्की रिकवरी या उछाल देखने को मिल सकता है, हालांकि अभी तक किसी मजबूत ट्रेंड रिवर्सल का साफ संकेत नहीं मिला है.
अहम स्तरों पर नजर बनाए रखें निवेशक
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार का रुख कमजोर बना हुआ है. जब तक निफ्टी पिछले सप्ताह के उच्च स्तर यानी करीब 24,300 के ऊपर नहीं जाता, तब तक गिरावट का ट्रेंड पूरी तरह खत्म होने की संभावना कम है. दूसरी तरफ अगर बाजार में और कमजोरी आती है तो निफ्टी के लिए 22,700 से 22,400 के बीच का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है. इसलिए निवेशकों को इन अहम स्तरों पर खास नजर रखने की सलाह दी जा रही है.
दबाव वाले सेक्टरों ने बढ़ाई चिंता
विश्लेषकों के अनुसार ब्याज दरों से जुड़े सेक्टरों में ज्यादा दबाव देखने को मिला है, जिससे बाजार के लिए सपोर्ट स्तर बनाए रखना मुश्किल हो गया है. इसके अलावा वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है. अगर बाजार अगले हफ्ते निचले स्तरों से उछाल दिखाने में नाकाम रहता है तो निफ्टी 22,500 या उससे भी नीचे के स्तर की ओर जा सकता है.
साप्ताहिक आधार पर बड़ी गिरावट
पूरे सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो बाजार में काफी बड़ी गिरावट देखने को मिली है. निफ्टी इस सप्ताह करीब 5.3 प्रतिशत टूट गया, जो जून 2022 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है. वहीं सेंसेक्स में भी लगभग 5.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो मई 2020 के बाद सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन है. सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए और मिडकैप व स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी दबाव देखने को मिला. ऐसे में निवेशकों के लिए आने वाला सप्ताह बाजार की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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