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FSSAI यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने पान मसाला की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक को बैन कर दिया है।
नए नियमों के तहत कंपनियां अब सिर्फ प्लास्टिक-मुक्त पेपर, टिन या ग्लास कंटेनर में ही पान मसाला पैक कर बेच सकेंगी।
FSSAI ने इस संबंध में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) अमेंडमेंट रेगुलेशंस, 2026 को नोटिफाई कर दिया है। 10 अगस्त को भारत के राजपत्र में प्रकाशित होते ही ये नए नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।
पैकेजिंग रेगुलेशन में 3 बड़े बदलाव
FSSAI ने कहा कि नया नोटिफिकेशन सिर्फ पैकेजिंग से जुड़े नियमों के लिए है। यानी सरकार ने पान मसाला प्रोडक्ट पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है, बल्कि इसके पैकेजिंग मटेरियल की लिस्ट में 3 बड़े बदलाव किए हैं…
- नया एंट्री शेड्यूल: साल 2018 के खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब ‘पान मसाला’ को भी उस लिस्ट (शेड्यूल 4) में शामिल कर लिया गया है, जिसके लिए सरकार तय करती है कि सामान किस चीज में पैक होकर बिकेगा।
- प्लास्टिक और पॉलीथीन पूरी तरह बैन: गुटखे की पैकिंग में अब पॉलीथीन, पीवीसी (PVC), पॉलिस्टर या किसी भी तरह के नकली प्लास्टिक (सिंथेटिक पॉलीमर) और लैमिनेशन का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जा सकेगा।
- अंदरूनी लेयर्स भी होंगी प्लास्टिक फ्री: अगर कोई कंपनी नियमों से बचने के लिए ऊपर से तो कागज की पैकिंग लगाती है, लेकिन पाउच के अंदर प्लास्टिक या चमकीली एल्युमिनियम लेयर (मैटेलाइज्ड लेयर) का इस्तेमाल करती है, तो उसे भी गैरकानूनी माना जाएगा। अंदर-बाहर दोनों तरफ से पैकिंग पूरी तरह प्लास्टिक-फ्री होनी चाहिए।
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