जोस बटलर की अगुवाई वाली मैनचेस्टर सुपर जाएंट्स द हंड्रेड का पहला खिताब जीतने में कामयाब रही। फाइनल में उन्होंने ट्रेंट रॉकेट्स पर 5 विकेट से जीत दर्ज की। टिम सीफर्ट जीत के हीरो रहे।
टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर थी जोस बटलरकी टीम
सुपर जाएंट्स दो हफ्ते पहले लगातार तीसरा ग्रुप मैच हारकर बाहर होने की कगार पर थे, लेकिन लगातार पांच जीत के साथ उन्होंने टाइटल जीत लिया। उनका यह सिलसिला तब चला जब एडेन मार्करम के पर्सनल कारणों से घर लौटने के बाद जोस बटलर ने कप्तानी संभाली, और इस सीजन के दूसरे सबसे ज्यादा रन (394) बनाने वाले सीफर्ट ने चार हाफ-सेंचुरी लगाईं।
मार्करम की गैरमौजूदगी में एसेक्स के पॉल वाल्टर को टॉप ऑर्डर में शामिल करने से सुपर जाएंट्स का सीजन बदल गया। उन्होंने इस सीजन मात्र 5 पारियों में 247 रन बनाए, इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 179 का रहा। सीफर्ट के साथ उनकी लेफ्ट-राइट, टॉल-शॉर्ट ओपनिंग कॉम्बिनेशन कमाल की रही। बटलर ने भी इस जोड़ी की तारीफ करते हुए कहा, “उन्होंने हमें टूर्नामेंट जिताने में बहुत मदद की।”
सुपर जाएंट्स के हाथ आखिरकार लगी ट्रॉफी
संजीव गोयनका की सुपर जाएंट्स आखिरकार ट्रॉफी जीतने में सफल रही। आईपीएल में 7 सीजन और साउथ अफ्रीका टी20 लीग में 4 सीजन के सूखे के बाद उन्हें द हंड्रेड में यह चमचमाती ट्रॉफी उठाने का मौका मिला। यह द हंड्रेड मेंस और वुमेंस में मैनचेस्टर सुपर जाएंट्स की पहली ट्रॉफी है।
टिम सीफर्ट ने काटा गदर
सीफर्ट ने फाइनल में 72 रनों की धमाकेदार पारी खेलने के साथ-साथ टूर्नामेंट में कुल 394 रन बनाए। वह द हंड्रेड 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे पायदान पर रहे। उन्हें फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच के साथ-साथ प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के अवॉर्ड से भी नवाजा गया। सीफर्ट के लिए यह एक यादगार टूर्नामेंट रहा।
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