स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद तेजस्वी ने शुरुआत में बायोटेक्नोलॉजी के बारे में सुना था। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना करियर बदलने का फैसला किया और कानून की पढ़ाई की ओर बढ़ गईं।
साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं तेजस्वी
तेजस्वी सतपुते महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के सेवगांव की रहने वाली हैं। उनका परिवार बेहद ही साधारण बैकग्राउंड से है। उनकी मां प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका रही हैं, जबकि उनके पिता खेती से जुड़े रहे और बाद में उन्होंने कारोबार भी किया। एक वीडियो में तेजस्वी बतात हैं कि उनका बचपन में सपना पायलट बनने का था। हालांकि, कुछ परिस्थितियों के कारण वह इस दिशा में आगे नहीं बढ़ सकीं। इसके बाद उन्होंने पढ़ाई और करियर के लिए दूसरी राह चुनी।
10वीं-12वीं के बाद LLB की ओर बढ़ीं
स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद तेजस्वी ने शुरुआत में बायोटेक्नोलॉजी के बारे में विचार किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना करियर बदलने का फैसला किया और कानून की पढ़ाई की ओर बढ़ गईं। इसी दौरान उन्होंने LLB में दाखिला लिया।
LLB की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें UPSC सिविल सेवा परीक्षा के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने अपने दोस्तों से परीक्षा और इसकी तैयारी के बारे में बात की। धीरे-धीरे इस परीक्षा में उनकी रुचि बढ़ने लगी और उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू करने का फैसला किया।
UPSC की तैयारी पर लोगों ने उड़ाया मजा
तेजस्वी के लिए UPSC का सफर शुरुआत से आसान नहीं था। करियर को लेकर बार-बार दिशा बदलने की वजह से उन्हें लोगों की बातें सुननी पड़ीं। पहले बायोटेक्नोलॉजी, फिर LLB और उसके बाद UPSC की तैयारी के फैसले से माता-पिता के ताने सुनने पड़ें।
वीडियो में तेजस्वा बताती हैं कि जब वह UPSC की तैयारी कर रही थीं, तो कई लोग उनका मजाक उड़ाते थे। उनसे कहा जाता था कि वह आखिर एक फील्ड में टिक क्यों नहीं पा रही हैं। हालांकि, इन बातों का तेजस्वी पर असर नहीं पड़ा और उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा।
पहले प्रयास में मिली असफलता
LLB की पढ़ाई के दौरान तेजस्वी ने UPSC का पहला प्रयास दिया, लेकिन वह सफल नहीं हो सकीं। यह उनके लिए पहला बड़ा प्रतियोगी परीक्षा अनुभव भी था। असफलता के बाद उनके परिवार से भी लोग सवाल करने लगे थे।
इसके बाद तेजस्वी ने अपनी तैयारी को नए सिरे से शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने पुणे छोड़कर मुंबई जाने का निर्णय लिया और वहां रहकर UPSC की तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। अगले एक साल तक उन्होंने जमकर तैयारी की और लगातार मेहनत करती रहीं।
दूसरे प्रयास में हासिल की 198वीं रैंक
मेहनत का नतीजा अगले प्रयास में देखने को मिला। तेजस्वी ने 2012 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 198वीं रैंक हासिल की और IPS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। उन्होंने इतिहास और मराठी साहित्य को अपने वैकल्पिक विषय के तौर पर चुना था।
तेजस्वी महाराष्ट्र कैडर की 2012 बैच की IPS अधिकारी हैं। अपने करियर में उन्होंने पुलिस विभाग में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। वर्तमान में वह पुणे में तैनात हैं। हाल ही में उन्हें पुणे क्राइम ब्रांच में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है।
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