समय रैना एक बार फिर अपने एक मजाक की वजह से चर्चा में आ गए हैं। बिहारियों को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर अब एक्टर मनोज बाजपेयी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हमारे मन में सम्मान होना चाहिए।
समय रैना के बयान पर क्या बोले मनोज बाजपेयी?
IANS से खास बातचीत के दौरान मनोज बाजपेयी ने कहा, “अगर ये मजाक में कहा गया है तो मुझे फर्क नहीं पड़ता है। हमें खुद पर हंसना सीखना चाहिए, साथ में हंसना सीखना चाहिए, एक दूसरे पर हंसना सीखना चाहिए, बुरा या अपमानित नहीं महसूस करना चाहिए।”
हमें एक-दूसरे पर हंसना आना चाहिए, बोले मनोज बाजपेयी
मनोज बाजपेयी ने कहा, “तो हमें ये सीखना चाहिए। हमें खुद पर हंसने की क्षमता होनी चाहिए, लेकिन उसी के साथ सम्मान भी होना चाहिए, न केवल अपने लिए बल्कि उस इंसान के लिए भी सम्मान होना चाहिए जिसके साथ आप बैठे हैं और जिस जगह से वो इंसान आता है। ये बहुत जरूरी है। अगर दो लोग एक दूसरे के साथ सहज हैं, तो वो एक दूसरे पर हंसेंगे।”
अपने साथ घटी घटना का सुनाया किस्सा
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मनोज बाजपेयी ने फिर अपने साथ हुई एक घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “जब मैं दिल्ली में था, मैं 18 साल का था, और मैं एक बस में आगे के दरवाजे से चढ़ने की कोशिश कर रहा था। मुझे शहर के नियमों के बारे में पता नहीं था। तो ड्राइवर ने मुझे देखा और चिल्लाया- ये बिहारी, पीछे से चढ़ो। उसे पता नहीं था कि मैं बिहार से हूं, लेकिन मैं बिहार से था। तो उसके लिए जो भी उस तरह की बेवकूफी कर रहा था, वो बिहार से था। मुझे बुरा नहीं लगा क्योंकि वो सही था और मैं बिहार से था। दूसरी बात, मैं गलत नहीं था क्योंकि मैं शहर में नया था और मैं पुरी तरह से अनजान था। लेकिन जब मैंने दूसरे राज्यों के दोस्त बनाए, तो हम सब एक दूसरे पर हंसते थे।”
मनोज बाजपेयी ने आगे कहा कि उन लोगों को कभी बुरा नहीं लगा, और न ही वो लोग कभी आहत हुए। एक्टर ने कहा, “समस्या तब होती है जब कोई बाहर से आकर आपके लिए या समुदाय के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। तब समस्या है। उससे पहले, हम सब को एक दूसरे पर हंसना आना चाहिए, खुद पर हंसना आना चाहिए। ये एक स्वस्थ समाज की निशानी है।”
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