त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि राज्य को पिछले वर्ष 30,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से 8,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं।
साहा ने कहा कि उनकी सरकार ने इस पूर्वोत्तर राज्य का समावेशी, समृद्ध और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय लक्ष्य ‘विकसित भारत’ के अनुरूप ‘लक्ष्य 2047’ दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया है।
नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा ने पिछले छह वर्षों में अपना सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) दोगुना कर लिया है और भारत का तीसरा पूर्ण साक्षर राज्य बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य को पिछले वर्ष 30,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से 8,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं पहले ही धरातल पर उतर चुकी हैं।’’
साहा ने बताया कि भारती एयरटेल सहित कई बड़ी कंपनियां पूर्वी भारत को सेवा देने के लिए अगरतला में डेटा सेंटर जैसी रणनीतिक सुविधाएं स्थापित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने के लिए राज्य के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि राज्य ने प्रशासनिक कार्यों में मंत्रिमंडल स्तर से लेकर ग्राम पंचायत तक पूर्ण डिजिटलीकरण और कागजरहित व्यवस्था हासिल कर ली है।
उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य ने ‘विकसित भारत @ 2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप ‘लक्ष्य 2047’ को अपनाया है जिससे सभी नागरिकों के लिए समावेशी, सुरक्षित, समृद्ध और बेहतर भविष्य सुनिश्चित होगा।’’
साहा ने कहा कि चिकित्सकीय शिक्षा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जहां एमबीबीएस सीट 225 से बढ़कर 550 और स्नातकोत्तर सीट 85 से बढ़कर 196 हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है जिसमें माता त्रिपुरा सुंदरी पर्यटन सर्किट और बौद्ध सर्किट का विकास शामिल है।
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