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- Instant Loan Offers Scam; Loan Fraud Apps List 2026 Identify Methods | FinMona FinCure
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आप अपना फोन स्क्रॉल कर रहे हैं। अचानक एक विज्ञापन पॉप–अप हुआ। लिखा है– ‘5 मिनट में पाएं लोन।’ ऑफर इतना लुभावना है कि आप खुद को रोक नहीं पाए और उस पर क्लिक कर दिया। लेकिन जरा रुकिए, उस पर क्लिक नहीं करना है। ‘5 मिनट में पाएं लोन’ का दावा फ्रॉड है।
हाल ही में ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ (I4C) ने ऐसे ही फर्जी लोन एप्स के बारे में लोगों को सतर्क किया है।
ये एप्स NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) से अप्रूव्ड होने का दावा करते हैं और लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। ये लोन देने के बहाने यूजर्स की पर्सनल डिटेल्स, कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो और बैंकिंग डिटेल्स का एक्सेस ले लेते हैं। इस डेटा का इस्तेमाल साइबर ठग ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के लिए करते हैं।
इसलिए ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में आज हम ‘फेक लोन एप्स’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- फेक लोन एप लोगों को कैसे फंसाते हैं?
- फेक और रियल लोन एप में क्या फर्क है?
एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस
सवाल- फर्जी लोन एप क्या होते हैं?
जवाब- ऐसे एप खुद को वैध लोन कंपनी, बैंक या NBFC से अप्रूव्ड बताकर इंस्टेंट लोन देने का दावा करते हैं।
- इनका मुख्य उद्देश्य लोगों की पर्सनल डिटेल्स चोरी करना और ठगी करना होता है।
- ये एप्स NBFC के अप्रूवल के बिना काम करते हैं।
- ये एप्स कम ब्याज दर पर जल्दी लोन का लालच देते हैं।
- झांसे में आकर लोग इन्हें डाउनलोड कर लेते हैं।
- ये एप गैरजरूरी परमिशन मांगते हैं।
- एप इंस्टॉल करने पर ये फोन में मौजूद कॉन्टैक्ट्स, फोटो और पर्सनल डिटेल्स एक्सेस कर लेते हैं।
- साइबर ठग इस डेटा का इस्तेमाल ब्लैकमेल और अवैध वसूली के लिए करते हैं।
सवाल- क्या I4C ने फर्जी एप्स के नाम भी बताएं हैं?
जवाब- जी, बिल्कुल। I4C ने 8 ऐसे लोन एप्स की लिस्ट जारी की है, जो फेक हैं और लोगों को ठग रहे हैं। पूरी लिस्ट नीचे देखें–
फिनमोना– पर्सनल क्रेडिट (FinMona–Personal Credit)
धनश्री सलाह (Dhanashree Salah)
सफलस्कोर – ईजी लोन (SafalScore – Easy Loan)
फिनक्योर – क्रेडिट असिस्टेंट (FinCure – Credit Assistant)
रुपीजार – एसेट एक्सेस (RupeeJar – Asset Access)
एस लार्ज क्विक लोन असिस्टेंट (S Large Quick Loan Assistant)
लोनब्लूम (LoanBloom)
ब्रायोक्रेडिट – क्रेडिट असिस्टेंट (BrioCredit – Credit Assistant)
सवाल- फेक लोन एप्स लोगों को कैसे फंसाते हैं?
जवाब- ये लोगों की जरूरत और मजबूरी का फायदा उठाते हैं। स्कैमर्स लोगों को जाल में फंसाने के लिए कई तरह के ‘हथकंडे’ अपनाते हैं। इसे ग्राफिक से समझिए-

सवाल- ये एप कौन-कौन सी परमिशन मांगते हैं?
जवाब- फर्जी लोन एप्स अक्सर लोन प्रक्रिया के नाम पर फोन की कई सेंसिटिव परमिशन मांगते हैं। इनमें से कई परमिशन लोन देने के लिए जरूरी नहीं होतीं, लेकिन यूजर जल्दबाजी में परमिशन दे देता है। फेक लोन एप्स आमतौर पर ये परमिशन मांगते हैं-
कॉन्टैक्ट लिस्ट– परिचितों के नंबर हासिल करने के लिए।
फोटो गैलरी– पर्सनल फोटो तक पहुंचने के लिए।
माइक्रोफोन– ऑडियो रिकॉर्डिंग या आवाज सुनने के लिए।
कैमरा– फोटो और वीडियो कैप्चर करने के लिए।
लोकेशन– एक्टिविटीज और लोकेशन ट्रैक करने के लिए।
SMS एक्सेस– OTP, बैंकिंग मैसेज और अन्य जानकारी देखने के लिए।
सवाल- फेक लोन एप्स से लोग कैसे ब्लैकमेलिंग का शिकार होते हैं?
जवाब- अगर व्यक्ति समय पर भुगतान नहीं कर पाता या एप की मनमानी शर्तों का विरोध करता है, तो ठग फोन से चुराई जानकारी का दुरुपयोग करते हैं। ठग आमतौर पर इन तरीकों से लोगों को ब्लैकमेल करते हैं-
- समय से पहले रिकवरी कॉल करना।
- गाली-गलौज करना और धमकी देना।
- रिश्तेदारों और दोस्तों को मैसेज करना।
- ‘फ्रॉड’ या ‘डिफॉल्टर’ बताकर बदनाम करना।
- वॉट्सएप ग्रुप बनाकर सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना।
- बदनामी का डर दिखाकर पैसे वसूलने की कोशिश करना।
- बार-बार कॉल और मैसेज कर मानसिक दबाव बनाना।
सवाल- फेक और रियल लोन एप में क्या फर्क है?
जवाब- वैध लोन एप NBFC से अप्रूव्ड होते हैं और उनकी शर्तें स्पष्ट होती हैं। वहीं फर्जी एप अपनी पहचान छिपाते हैं, पारदर्शिता नहीं रखते और अनावश्यक डेटा मांगते हैं। सभी फर्क ग्राफिक में देखिए-

सवाल- फर्जी लोन एप को कैसे पहचानें?
जवाब- कुछ संकेतों पर ध्यान देकर फर्जी लोन एप से बचा जा सकता है। कोई भी लोन एप डाउनलोड करने या लोन लेने से पहले ग्राफिक में दी गई जांच जरूर करें-

सवाल- लोग इन एप्स के जाल में क्यों फंसते हैं?
जवाब- लोग इन वजहों से फेक लोन एप्स के झांसे में फंसते हैं-
- इमरजेंसी में पैसों की जरूरत होना।
- मेडिकल इमरजेंसी आना।
- नौकरी छूटने के कारण इनकम बंद होना।
- बैंक से लोन न मिल पाना।
- बच्चे की फीस या अन्य जरूरतें पूरी न कर पाना।
- डिजिटल अवेयरनेस न होना।
- नियम व शर्तें पढ़े बिना एप डाउनलोड करना।
- सोशल मीडिया विज्ञापनों पर भरोसा कर लेना।

सवाल- किन लोगों को सबसे ज्यादा टारगेट किया जाता है?
जवाब- साइबर अपराधी ऐसे लोगों को निशाना बनाते हैं, जिन्हें जल्दी पैसों की जरूरत होती है या जो डिजिटली अवेयर नहीं होते हैं। जैसेकि-
- स्टूडेंट्स
- छोटे शहरों के लोग
- नौकरीपेशा युवा
- महिलाएं
- बुजुर्ग
सवाल- फेक एप से बचने के लिए क्या सावधानी बरतें?
जवाब- अगर कोई एप जांच-पड़ताल और डॉक्यूमेंटेशन के बिना लोन देने का दावा कर रहा है, तो सतर्क हो जाएं। एप डाउनलोड करने से पहले कंपनी, रजिस्ट्रेशन, वेबसाइट, प्राइवेसी पॉलिसी और यूजर रिव्यू की जांच करें। ग्राफिक में सभी सेफ्टी टिप्स देखिए-

सवाल- क्या प्ले स्टोर पर मौजूद एप भी फेक हो सकते हैं?
जवाब- हां, प्ले स्टोर पर मौजूद होना एप के सेफ होने की गारंटी नहीं है। केवल अच्छी रेटिंग देखकर भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि कई बार रेटिंग और रिव्यू भी फर्जी हो सकते हैं।
सवाल- अगर गलती से फेक लोन एप्स के झांसे में फंस जाएं तो क्या करें?
जवाब- सबसे पहले घबराएं नहीं और ठगों के दबाव में न आएं। समय रहते कार्रवाई करने से नुकसान की काफी हद तक भरपाई हो सकती है। नीचे ग्राफिक में सेफ्टी टिप्स देखिए-

सवाल- RBI और साइबर सेल क्या सलाह देते हैं?
जवाब- RBI और साइबर सेल सलाह देते हैं कि केवल रजिस्टर्ड बैंक या NBFC अप्रूव्ड लोन प्लेटफॉर्म का ही यूज करें।
- किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले उसे वेरिफाई करें।
- अनजान लिंक, सोशल मीडिया विज्ञापन और वॉट्सएप के जरिए मिलने वाले लोन ऑफर से सावधान रहें।
- जरूरत से ज्यादा परमिशन मांगने वाले एप्स डाउनलोड न करें।
- किसी भी प्रकार की धमकी या ब्लैकमेलिंग होने पर तुरंत शिकायत करें।
सवाल- फेक लोन एप्स की शिकायत कहां करें?
जवाब- साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
- नजदीकी साइबर सेल या पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।
- सभी सबूत जैसे स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन डिटेल सुरक्षित रखें।
- बैंक को भी तुरंत सूचित करें।
- जितनी जल्दी शिकायत होगी, नुकसान रोकने की संभावना उतनी ही बढ़ेगी।
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