उनके पिता राजकुमारन नायर एक बस कंडक्टर थे, जो अब रिटायर हो चुके है और मां लता एक हाउस वाइफ हैं। ऐसे में रेणु राज की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसके बावजूद माता-पिता ने रेणु की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।
कौन हैं रेणु राज
आईएएस रेणु राज केरल के कोट्टायम जिले की रहने वाली हैं। उनका जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन उनके माता-पिता ने उनकी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पिता राजकुमारन नायर बस कंडक्टर के पद से रिटायर हुए हैं और मां लता एक हाउस वाइफ हैं।
NEET के बाद सरकारी कॉलेज से की MBBS
बता दें कि रेणु राज बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थी। वो डॉक्टर बनकर ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा करनी चाहती थीं और इसीलिए उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई की। रेणु राज ने अपनी शुरुआती शिक्षा केरल के कोट्टायम में स्थित सेंट टेरेसा हायर सेकेंडरी स्कूल से हासिल की है। स्कूली पढ़ाई खत्म होने के बाद उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए NEET का एग्जाम दिया। यहां वो सफल हुईं और फिर कोट्टायम के ही सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री ली। इसके बाद वह हाउस सर्जन के तौर पर कोल्लम जिले के ASI हॉस्पिटल में प्रैक्टिस करने लगी थीं। बतौर सर्जन काम करते हुए रेणु राज ने UPSC CSE की तैयारी भी शुरू कर दी।
क्यों चुनी सिविल सर्विसेस की राह
अब सवाल उठता है कि आखिर डॉक्टर बनने के बाद रेणु राज ने यूपीएससी की राह क्यों चुनी। बता दें कि हॉस्पिटल में काम करते हुए उन्होंने ने गरीबी, हेल्थ फैसिलिटी की कमी और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों को करीब से देखाष एक दिन उनकी मुलाकात एक मरीज से हुई, जिसकी हालत देखकर उन्हें लगा कि सिर्फ इलाज से समाज की समस्याएं हल नहीं होंगी। उन्हें एहसास हुआ कि प्रशासनिक सेवा में जाकर ही वह बड़े पैमाने पर बदलाव ला सकती हैं। बस यहीं, उनका मन बदला और उन्होंने नौकरी के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की।
कैसे की यूपीएससी तैयारी
रेणु राज के लिए यूपीएससी का सफर आसान नहीं था। वो काम करने बाद यूपीएससी की तैयारी करती है। उन्होंने अपनी सफलता का मंत्र कई इंटरव्यू में शेयर किया है। वो कहती हैं कि 2013 से ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। काम के साथ हर रोज 3-6 घंटे की पढ़ाई की। अपनी प्रैक्टिस के साथ पढ़ाई की। एग्जाम पास आने पर फुल टाइम तैयारी करने का फैसला किया। वहीं मेंस एग्जाम होने के बाद फिर से प्रैक्टिस शुरू की।
क्या थी स्ट्रैटजी
वो बताती हैं कि UPSC एग्जाम की तैयारी करते हुए मॉक टेस्ट और मॉक इंटरव्यू पर सबसे ज्यादा फोकस किया। एग्जाम के लिए उन्होंने 3-6 घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की और कम से कम 7 घंटे की नींद जरूरी ली। इसके अलावा रोज न्यूज पेपर भी पढ़ती थीं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 2014 में दूसरी रैंक के साथ UPSC परीक्षा पास कर ली और आईएएस बनीं। ऐसे में रेणु राज की कहानी लाखों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।
साल 2022 में की शादी
बता दें कि डॉ. रेणु राज शादीशुदा हैं। उन्होंने अप्रैल 2022 में शादी की है। उनके पति श्रीराम वेंकटरमन भी IAS हैं। श्रीराम वेंकटरमन ने साल 2012 में यूपीएससी एग्जाम पास किया था और उनकी रैंक भी दूसरी आई थी। श्रीराम वेंकटरमन ने भी MBBS की पढ़ाई की है।
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