शेयर में तेजी की वजह क्या है?
बता दें कि HFCL टेलीकॉम, डिफेंस और रेलवे जैसे सेक्टर में काम करती है। यह हाई-स्पीड व सिक्योर कम्युनिकेशन नेटवर्क के लिए प्रोडक्ट और डिजिटल नेटवर्क सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है। शेयर में हालिया तेजी के पीछे कंपनी को लगातार मिल रहे बड़े ऑर्डर को अहम वजह माना जा रहा है। कंपनी ने 1 सितंबर को एक ग्राहक के साथ लंबे समय का सप्लाई एग्रीमेंट किया है। इसके तहत करीब 2,329 करोड़ रुपये के ऑप्टिकल फाइबर केबल की सप्लाई की जाएगी। इससे पहले 17 जून को कंपनी को RVNL से उत्तर प्रदेश वेस्ट टेलीकॉम सर्किल में BharatNet Phase-3 प्रोजेक्ट के लिए करीब 2,666.09 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला था।
कंपनी के नतीजे भी मजबूत
कंपनी के नतीजे भी मजबूत रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में HFCL की कुल आय 5,014.52 करोड़ रुपये रही। यह वित्त वर्ष 2024-25 के 4,122.28 करोड़ रुपये से 21.6 पर्सेंट ज्यादा है। इस दौरान कंपनी का मुनाफा यानी PAT 90.1 पर्सेंट बढ़कर 329.44 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, EBITDA 63.15 पर्सेंट बढ़कर 826.75 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी के अनुसार, डिफेंस कारोबार में भी उसने थर्मल वेपन साइट्स, इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज और रडार जैसे प्रोडक्ट्स के जरिए अपनी मौजूदगी मजबूत की है।
इस दिन है रिकॉर्ड डेट
बता दें कि डिविडेंड की वजह से भी निवेशकों की नजर शेयर पर है। HFCL के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 20 पर्सेंट यानी 0.20 रुपये का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। हालांकि, इसका भुगतान शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही होगा। कंपनी ने 22 सितंबर, 2026 को डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट तय की है। जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की AGM 29 सितंबर 2026 को होनी है। ऐसे में रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ना भी हालिया तेजी की एक वजह हो सकती है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
अब सवाल है कि निवेशकों को HFCL के शेयर को लेकर क्या रणनीति अपनानी चाहिए। ग्लोब कैपिटल मार्केट के विपिन कुमार के अनुसार, शेयर में तेजी का रुख अभी मजबूत बना हुआ है। ऐसे में गिरावट आने पर 210 से 230 रुपये के स्तर के बीच खरीदारी का मौका मिल सकता है। हालांकि, शेयर में मुनाफावसूली का खतरा भी बना हुआ है। वहीं, आनंद राठी के वरिष्ठ प्रबंधक जिगर एस. पटेल ने निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनके मुताबिक, 232 रुपये का स्तर शेयर के लिए अहम सहारा है। जबकि 257 रुपये पर बड़ी रुकावट है। ऐसे में जिनके पास पहले से ही कंपनी के शेयर हैं, वे कुछ मुनाफा सुरक्षित करने पर विचार कर सकते हैं।
कुछ ऐसा रहा है शेयरों का परफॉर्मेंस
बता दें कि 31 अगस्त को HFCL ने 257 रुपये का अपना 52 हफ्तों का नया हाई बनाया था। जबकि इस साल 23 जनवरी को शेयर 59.83 रुपये के 52 हफ्तों के निचले स्तर तक पहुंच गया था। अगर पिछले एक हफ्ते की बात करें तो कंपनी ने करीब 7 पर्सेंट का रिटर्न दिया है। जबकि पिछले 1 महीने में 21.55 पर्सेंट, पिछले 6 महीने में 262 पर्सेंट, पिछले 1 साल में 256 पर्सेंट, पिछले 3 साल में 233 पर्सेंट, पिछल 5 साल में 238 पर्सेंट और पिछले 10 साल में 1,434 पर्सेंट का रिटर्न दिया है।
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