रिदम आनंद की यूपीएससी की जर्नी कमाल की है। उनकी कहानी जानकर लोग बहुत ही प्रभावित होते हैं। क्योंकि उन्होंने आईएएस बनने के लिए एक नहीं बल्कि 4 बार यूपीएससी का एग्जाम दिया था।
कौन हैं रिदम आनंद
बता दें कि आईएएस रिदम आनंद दिल्ली की रहने वाली हैं। उनके पिता रतनपाल सिंह हैं, जो दिल्ली पुलिस में हैं। इसके अलावा मां मधुबाला दिल्ली में ही टीचर हैं। रिदम पढ़ाई लिखाई में काफी तेज थीं। उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई पढ़ी है। रिदम आनंद ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद कोरोना की दूसरी लहर में कोविड केयर फैसिलिटी में काम करने लगी। हालांकि उनका सपना आईएएस बनना था। लेकिन यह सफर आसान नहीं था।
काम के साथ-साथ यूपीएएसी की तैयारी
रिदम आनंद काम के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी करती थीं। रिदम यूपीएससी की शुरुआती 2 प्रयासों में असफल रहीं। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। फिर तीसरे प्रयास में आखिरकार उन्हें सफलता हासिल हुई। इस अटेंप्ट में उनकी 895वीं रैंक आई थी। इस तरह उन्हें पुलिस सर्विस में जाने का मौका मिला। इसके बाद उन्हें दिल्ली, अंडमान एंड निकोबार द्वीप समहू पुलिस सर्विस अलॉट हुआ। हालांकि उन्होंने चौथा प्रयास भी जारी रखा और एग्जाम दिया। जब यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट आया तक वह दिल्ली- अंडमान निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा का प्रशिक्षण ले रही थीं।
142वीं रैंक हुई हासिल
आखिरकार उनकी मेहनत ने रंग लाया और रिदम आनंद को साल 2023 के यूपीएससी के परीक्षा परिणाम में 142 वीं रैंक हासिल हुई। इस तरह उनका आईएएस के लिए चयन हुआ। साथ ही उन्होंने यूपीएससी जैसे कठिन एग्जाम को दूसरी बार क्रैक कर अपना लोहा मनवाया।
परिवार में अन्य सदस्य
परिवार में उनके माता-पिता के अलावा उनका छोटा भाई ऋषभ आनंद अमेरिका में मास्टर की पढ़ाई कर रहा है। फिलहाल, परिवार के साथ वह दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहती है। फिलहाल, उन्होंने सिंकदरा का नया एसडीएम बनाया गया है और उन्होंने अपना पद भी संभाल लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिदम आनंद ने कहा कि जनता की समस्याओं का बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष समाधान उनकी पहली प्राथमिकता है। सरकारी कामों को समय पर पूरा कराया जाएगा। जनसुनवाई को प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि लोगों को बेवजह परेशान न होना पड़े।
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