Success Story: गाजियाबाद की राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिका डॉ. रेनू त्रिपाठी को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। 5 सितंबर को राष्ट्रपति उन्हें सम्मानित करेंगी।
क्लासरूम को बनाया मजेदार और एक्टिविटी-बेस्ड
गाजियाबाद के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कार्यरत साइंस टीचर रेणु त्रिपाठी ने पढ़ाई के तरीकों को बदलकर बच्चों के लिए शिक्षा को बेहद आसान और मनोरंजक बनाया। उन्होंने महसूस किया कि बच्चे अक्सर रटने से ऊब जाते हैं, इसलिए उन्होंने खेल-खेल में सीखने के तरीके को अपने पढ़ाने में इस्तेमाल किया।
उनकी इस पहल से स्कूल में बच्चों की उपस्थिति में जबरदस्त इजाफा हुआ। जो बच्चे पहले स्कूल आने से कतराते थे, वे अब नए-नए प्रयोगों की मदद से रुचि लेकर पढ़ाई करने लगे हैं।
तकनीक और डिजिटल माध्यमों का शानदार उपयोग
रेणु त्रिपाठी ने अपने सरकारी स्कूल में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी काफी काम किया। उन्होंने कंप्यूटर, ऑडियो-विजुअल एड्स और एजुकेशनल ऐप्स के माध्यम से कठिन से कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाया।
डिजिटल युग को अपनाते हुए डॉ. रेनू त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए यूट्यूब चैनल बनाए, ऑनलाइन प्रेजेंटेशन और व्हाट्सएप ग्रुप्स का सहारा लिया। कोविड काल से लेकर आज तक वे डिजिटल माध्यमों से छात्राओं का मार्गदर्शन कर रही हैं। उन्होंने 12 पुस्तकें और कई रिसर्च पेपर भी लिखे हैं।
छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए बड़ी मिसाल
इस साल देश भर से कुल 48 श्रेष्ठ शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। डॉ. रेनू त्रिपाठी की यह शानदार उपलब्धि साबित करती है कि अगर मन में सच्ची निष्ठा हो, तो सरकारी स्कूल की छात्राएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपना और अपने देश का नाम रोशन कर सकती हैं। रेणु त्रिपाठी की यह शानदार सफलता साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो सीमित संसाधनों के बावजूद भी सुधार और बदलाव लाया जा सकता है।
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