रोहिणी गुर्जर अजमेर जिले के नारेली गांव की रहने वाली हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो साल 2003 में रोहिणी ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उनकी शादी हो गई। लेकिन उनके अंदर कुछ करने का जुनून था।
कौन हैं रोहिणी गुर्जर
रोहिणी गुर्जर अजमेर जिले के नारेली गांव की रहने वाली हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो साल 2003 में रोहिणी ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उनकी शादी हो गई। लेकिन उनके अंदर कुछ करने का जुनून था। इसलिए वो पढ़ाई छोड़ने के करीब 20 साल बाद वो फिर से पढ़ाई शुरू की। लेकिन इस बार लक्ष्य आरएएस अधिकारी बनना था। शादी के बाद रोहिणी अपने पति के साथ आरएएस की तैयारी में जुट गई थी। लेकिन शायद नियति को ये पसंद नहीं है।
पहले पति का निधन
आरएएस की तैयारी के दौरान ही पति का निधन हो गया। पति के निधन के बाद रोहिणी टूट गई लेकिन परिवार वालों ने हिम्मत दी तो रोहिणी ने अपने आप को संभाला और फिर से आरएएस की तैयारी में जुट गई।
दादी सास का भी निधन
अब उनकी दादी सास ने उनका साथ दिया। लेकिन फिर नियति कुछ और ही चाहती थी। इस बार आरएएस प्री एग्जाम के दौरान उनकी दादी सास की मृत्यु हो गई। एक बार फिर बिखरकर उन्होंने खुद को समेटा और फिर से तैयारी शुरू कर दी। पीहर और ससुराल दोनों पक्षों की ओर से हिम्मत मिलने के बाद रोहिणी ने फिर से तैयारी शुरू की। उनकी एक बेटी भी थी।
10 साल की बेटी का निधन
जब रोहिणी ने आरएएस प्री क्लीयर कर लिया, तो 10 वर्षीय बेटी की परवरिश करते हुए रोहिणी फिर से तैयारी में जुट गई। फिर आई आरएएस मेन्स एग्जाम की बारी। इस एग्जाम से पहले फिर उनके जीवन में एक ऐसी घटना घटी कि इस बार उनका बिल्कुल ही टूट जाना लाजिमी था। मेंस एग्जाम से कुछ 7 से 8 दिन पहले ही उनकी बेटी का निधन हो गया। ऐसें में उन्होंने परीक्षा में बैठने से साफ मना कर दिया। हालांकि उनकी सहारा इस बार ननद बनी।
एग्जाम के 2 दिन पहले एक्सीडेंट, आंख में लगी चोट
तैयारी उनकी अच्छी थी।काफी समझाने के बाद वो मेंस परीक्षा में बैठने के लिए तैयार हुई। लेकिन एक और हादसा हो गया। एग्जाम से दो दिन पहले खुद हादसे की शिकार हो गई और इस हादसे में रोहिणी के एक आंख पर काफी चोट लग गई। उन्होंने आखिर में भी हिम्मत नहीं हारी। ये कहानी किसी फिल्म से कम नहीं लग रही होगी।
पट्टी बांधकर दिया एग्जाम
रोहिणी ने एक आंख में पट्टी बांधकर मेंस एग्जाम दिया। परीक्षा के दौरान उनकी केवल एक आंख ही खुली हुई थी। रोहिणी की मेहनत रंग लाई और इतनी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद रोहिणी ने आरएएस मेन्स क्लियर किया। फिर इंटरव्यू में भी अच्छे नंबर आए और रोहिणी का आरएएस भर्ती 2023 में चयन हो गया और वो अधिकारी बनीं। वो यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने आरएएस भर्ती 2024 का भी इंटरव्यू दिया था। रोहिणी का कहना है इंटरव्यू बहुत अच्छा रहा है। ऐसे में उनकी कहानी आज लाखों लोगों को प्रेरित कर रही हैं।
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