जावेद मियांदाद ने कहा है कि इमरान खान ईमानदार इंसान हैं और वह भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हैं। उन्होंने जेल में बंद पूर्व पाकिस्तानी कप्तान की रिहाई की मांग की है।
बाहर आने देंगे तो क्या होगा?
मियांदाद ने ‘नैरेटिव यू-ट्यूब चैनल’ पर दिये साक्षात्कार मे कहा, “वह एक ईमानदार इंसान हैं। वह भ्रष्ट आचरण में शामिल होने वाले व्यक्ति नहीं हैं। अगर ऐसा होता तो उन्होंने बहुत कुछ किया होता।” उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “अगर आप उन्हें बाहर आने देंगे तो क्या होगा? क्या वह किसी को नुकसान पहुंचाएंगे? वह भी किसी के बेटे हैं। मैं हमेशा सोचता हूं कि वह इस समय क्या कर रहे होंगे।”
मियांदाद ने कहा कि इमरान के बारे में उनकी राय उन वर्षों के अनुभव पर आधारित है जो दोनों ने पाकिस्तान और काउंटी क्रिकेट में साथ बिताए हैं। पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज ने लंबे समय से चली आ रही उस धारणा को भी खारिज किया कि उनके और इमरान के बीच कड़वी प्रतिद्वंद्विता थी। उन्होंने माना कि खेल के दौरान और उसके बाद दोनों के बीच मतभेद जरूर रहे, लेकिन इन्हें पाकिस्तान के लिए साथ खेलने के दौरान साझा किए गए उद्देश्य से अलग करके देखा जाना चाहिए। मियांदाद ने कहा, ”हमारे बीच कोई प्रतिद्वंद्विता नहीं थी।”
पाकिस्तान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे
उन्होंने कहा कि मैदान पर उतरते समय दोनों हमेशा पाकिस्तान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे। मौजूदा परिस्थितियों में शामिल सभी पक्षों से उन्होंने साथ बैठकर समाधान तलाशने की अपील की। उन्होंने कहा, ”हमारे बीच जो भी मतभेद रहे हों, हमने पाकिस्तान के लिए खेला और पाकिस्तान के लिए संघर्ष किया।” मियांदाद की यह भावुक अपील ऐसे समय आई है, जब इमरान खान के स्वास्थ्य और जेल में उनकी परिस्थितियों को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं।
हाल में इमरान का इस्लामाबाद में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया था, जिसके बाद उन्हें वापस अदियाला जेल ले जाया गया। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने इस चिकित्सकीय जांच के तरीके पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने खास तौर पर ‘सुप्रीम कोर्ट’ के उस निर्देश का हवाला दिया जिसमें इमरान को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने और उनके निजी चिकित्सक समेत अन्य डॉक्टरों को उनसे मिलने की अनुमति देने की बात कही गई थी।
मामले ने इस सप्ताह की शुरुआत में उस समय और तूल पकड़ लिया, जब इमरान के बेटों सुलेमान और कासिम ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच दूसरे टेस्ट के प्रसारण के दौरान इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथर्टन से बातचीत की। दोनों भाइयों ने आरोप लगाया कि उनके पिता को बेहद कड़े एकांत में रखा जा रहा है और उन्होंने उनके स्वास्थ्य तथा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
इमरान खान पाकिस्तान के सबसे प्रतिष्ठित खेल सितारों में शामिल हैं। उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने 1992 में अपना एकमात्र पुरुष वनडे विश्व कप जीता था। मियांदाद और इमरान 1980 के दशक और 1990 के दशक की शुरुआत में पाकिस्तान क्रिकेट के स्वर्णिम दौर में दो सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी माने जाते थे। दोनों ने लंबे समय तक टीम की बल्लेबाजी और नेतृत्व की रीढ़ के रूप में पाकिस्तान क्रिकेट को मजबूती दी।
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