देवोलीना ने पूछा अब जवाबदेही किसकी?
देवोलीना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक लंबा नोट लिखते हुए नेताओं पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर बन रहा था, तब हर कोई इसका श्रेय लेने के लिए आगे आ गया था, लेकिन अब जब चोरी और घोटाले की बात सामने आ रही है, तो सब खामोश क्यों हैं?
“तमाम राजनीतिक नेताओं ने राम मंदिर के निर्माण का श्रेय बड़े गर्व से लिया। इसे चुनावों में बड़ा मुद्दा बनाया गया और इससे उन्हें वोट भी मिले। लेकिन इसके बाद क्या? जब चोरी, गड़बड़ी या घोटाले के आरोप लगते हैं, तो जिम्मेदारी कहां चली जाती है? क्या सिर्फ अच्छे काम का क्रेडिट लेना है और जब कुछ गलत हो, तो जिम्मेदारी से भाग जाना है?”
करोड़ों भक्तों की आस्था का सवाल
एक्ट्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि राम मंदिर सिर्फ एक इमारत नहीं है, बल्कि इससे लाखों-करोड़ों भक्तों की भावनाएं, विश्वास और आस्था जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भक्तों के इस भरोसे की पूरी रक्षा होनी चाहिए। इस मामले में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और दोषियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने सभी धर्मों और राजनीतिक दलों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि हर जगह यही खेल चलता है कि उपलब्धि का जश्न सब मनाते हैं, लेकिन सवाल उठने पर कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता।
देश के प्रति वफादार रहें
अपनी पोस्ट के अंत में देवोलीना ने जनता को भी एक बेहद अहम और सच्ची सलाह दी। उन्होंने कहा कि हमारी वफादारी किसी इंसान या पार्टी के बजाय हमेशा देश के प्रति होनी चाहिए।
“मैंने हमेशा यही माना है कि हमें देश को अहमियत देनी चाहिए, किसी व्यक्ति विशेष को नहीं। जब हमारी वफादारी किसी नेता या पार्टी की जगह देश और उसके मूल्यों के प्रति होगी, तभी हम सही के साथ खड़े हो पाएंगे। भले ही गलती करने वाला हमारा कोई पसंदीदा नेता ही क्यों न हो, याद रखिए गलत हमेशा गलत ही होता है। लोकतंत्र में कोई भी जवाबदेही से ऊपर नहीं है।”
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे में कथित तौर पर हेराफेरी का मामला सामने आया है। फिलहाल एक उच्च स्तरीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और सरकार इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।
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