भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने हॉकी प्रो लीग के अपने आखिरी मुकाबले में शानदार जुझारूपन दिखाते हुए इंग्लैंड को रोमांचक शूटआउट में 3-2 से हराकर पिछली हार का हिसाब बराबर कर लिया। तय समय तक दोनों टीमों के बीच कोई गोल नहीं हो सका, लेकिन शूटआउट में भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत के साथ बोनस अंक भी अपने नाम कर लिया। अब भारतीय टीम आगामी अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ विश्व कप की तैयारियों पर पूरा ध्यान लगाएगी।
बता दें कि यह मुकाबला शुरुआत से ही बेहद संघर्षपूर्ण रहा। इंग्लैंड ने पहले ही चरण से आक्रामक खेल दिखाया और लगातार भारतीय गोल पर दबाव बनाया। शुरुआती मिनटों में सैम वार्ड को यशदीप सिंह द्वारा रोके जाने के बाद इंग्लैंड को पेनाल्टी का मौका मिला। हालांकि भारतीय गोलकिपर मोहित शशिकुमार ने शानदार दोहरे बचाव के साथ पहले सैम वार्ड और फिर सानफोर्ड के प्रयास को भी नाकाम कर दिया। उनके इस प्रदर्शन ने भारत को शुरुआती बढ़त से बचाए रखा।
पहले चरण में भारत को सबसे अच्छा मौका अभिषेक के जरिए मिला, लेकिन वह भी गोल में नहीं बदल सका। दूसरी ओर इंग्लैंड लगातार आक्रमण करता रहा। दूसरे चरण में भी इंग्लैंड ने गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा और कई मौके बनाए। बंडुराक गोल करने के करीब पहुंचे, जबकि भारत की ओर से जरमनप्रीत सिंह ने एक मजबूत प्रयास किया, जिसे इंग्लैंड के गोलकिपर ने रोक दिया। भारतीय डिफेंस लाइन ने लगातार संयम बनाए रखा और हॉफ-टाइम तक मुकाबला गोलरहित रहा।
गौरतलब है कि हॉफ के बाद भारतीय टीम ने अपने खेल की गति बढ़ा दी। हार्दिक सिंह ने शानदार आक्रमण तैयार करते हुए मनदीप सिंह को बेहतरीन मौका दिया, लेकिन इंग्लैंड के गोलकिपर ने एक बार फिर शानदार बचाव कर भारत को बढ़त लेने से रोक दिया।
तीसरे चरण के आखिरी समय में मुकाबले का सबसे अहम मोड़ आया। यशदीप सिंह पर हेनरी क्रॉफ्ट को रोकने का आरोप लगाते हुए इंग्लैंड को पेनाल्टी दिया गया। हालांकि भारतीय टीम ने तुरंत रिव्यू की मांग की। दोबारा देखे गए दृश्य में साफ पता चला कि यशदीप सिंह ने गेंद पर पहले नियंत्रण बनाया था। इसके बाद रेफरियों ने अपना फैसला बदल दिया और इंग्लैंड का पेनाल्टी रद्द कर दिया।
अंतिम चरण में इंग्लैंड ने लगातार दबाव बनाए रखा, लेकिन भारतीय गोलकिपर संजय करकेरा ने कई शानदार बचाव किए। जरमनप्रीत सिंह ने भी एक खतरनाक जवाबी आक्रमण को समय रहते रोककर टीम को राहत दिलाई। मुकाबले के अंतिम मिनटों में इंग्लैंड को पेनाल्टी का एक और अवसर मिला, लेकिन संजय करकेरा ने बेहतरीन बचाव करते हुए भारत को गोल नहीं खाने दिया।
मुकाबले में केवल दो सेकंड का समय शेष था, तभी इंग्लैंड को एक और पेनाल्टी दिया गया। भारत ने इस बार भी दृश्य समीक्षा का सहारा लिया और फैसला पलट गया। इसके साथ ही निर्धारित समय तक दोनों टीमें बिना किसी गोल के बराबरी पर रहीं और मुकाबले का फैसला शूटआउट से हुआ।
शूटआउट में भारत की ओर से अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा और हार्दिक सिंह ने अपने प्रयास सफलतापूर्वक गोल में बदले। वहीं भारतीय गोलकिपरों ने इंग्लैंड के खिलाड़ियों पर दबाव बनाए रखा और भारत ने 3-2 से जीत दर्ज कर ली। बता दें कि पूरे मुकाबले में भारतीय डिफेंस लाइन का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा।
भारतीय रक्षक संजय को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मुकाबले का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। वहीं मोहित शशिकुमार और संजय करकेरा ने गोलपोस्ट के सामने कई महत्वपूर्ण बचाव कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि विश्व कप से पहले भारत ने अपने आखिरी हॉकी प्रो लीग मुकाबले में आत्मविश्वास बढ़ाने वाला प्रदर्शन किया है। इस जीत से टीम का मनोबल मजबूत हुआ है और खिलाड़ी आगामी विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
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