ईशानवी अमेरिका के वर्जीनिया बीच की रहने वाली हैं और ओल्ड डोनेशन स्कूल में पढ़ती हैं। उनका यह प्रोजेक्ट इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने साइंस को सिर्फ किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसका इस्तेमाल एक गंभीर और वास्तविक समस्या का समाधान खोजने के लिए किया।
कौन हैं ईशानवी
बता दें कि ईशानवी अमेरिका के वर्जीनिया बीच की रहने वाली हैं और ओल्ड डोनेशन स्कूल में पढ़ती हैं। उनका यह प्रोजेक्ट इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने साइंस को सिर्फ किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसका इस्तेमाल एक गंभीर और वास्तविक समस्या का समाधान खोजने के लिए किया।
क्या है डॉल्फिन गार्ड प्रोजेक्ट?
डॉल्फिन समुद्र में इंसानों के साथ अपना नेचुरल वातावरण साझा करती हैं। समुद्र में नावों की आवाजाही, मछली पकड़ने और दूसरी गतिविधियों के कारण कई बार डॉल्फिन के लिए खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि खतरा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही संभावित जोखिम का पता लगाया जाए। ईशानवी का ‘डॉल्फिन गार्ड’ इसी सोच पर आधारित है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य इंसानों और डॉल्फिन के बीच होने वाली संभावित खतरनाक परिस्थितियों को कम करने में मदद करना है। इसके पीछे एक सीधा सवाल यह है कि क्या साइंस और टेक्नोलॉजी की मदद से किसी समुद्री जीव को नुकसान पहुंचने से पहले खतरे की पहचान की जा सकती है? यही सोच उनके प्रोजेक्ट को दूसरे सामान्य स्कूल प्रोजेक्ट से अलग बनाती है।
क्या है 3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज
3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज अमेरिका में मिडिल स्कूल के स्टूडेंट्स के लिए आयोजित होने वाली एक राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता है। इसमें छात्रों को किसी ऐसी समस्या के समाधान से जुड़ा अपना नया आईडिया या आविष्कार पेश करना होता है, जो उनके परिवार, समुदाय या समाज के लिए उपयोगी हो। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को एक छोटा वीडियो बनाकर अपने प्रोजेक्ट के बारे में बताना होता है। इसमें उनके विचार की क्रिएटिविटी, वैज्ञानिक समझ, अपनी बात समझाने की क्षमता और प्रेजेंटेशन जैसे पहलुओं को देखा जाता है।
2026 की प्रतियोगिता के लिए प्रक्रिया जनवरी में शुरू हुई थी और स्टेट मेरिट विनर्स की घोषणा जून में की गई। इसी में ईशानवी को वर्जीनिया की स्टेट मेरिट विनर के रूप में चुना गया।
गणित में भी दिखा चुकी हैं प्रतिभा
ईशानवी की दिलचस्पी केवल विज्ञान तक सीमित नहीं है। वह गणित की प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुकी हैं। मैथ कंगारू के रिकॉर्ड के अनुसार, 2025 में वह ओल्ड डोनेशन स्कूल की द कंगारू पाई-ओनियर्स टीम का हिस्सा थीं। इस टीम ने मैथ कंगारू टीम प्रतियोगिता में ग्रेड 6 का राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीता था।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.