भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी दिन भी तेजी का माहौल देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने और कई प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत खरीदारी के चलते निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिसका असर बाजार की चाल में साफ दिखाई दिया। दिनभर के कारोबार के दौरान बाजार ने मजबूती बनाए रखी और प्रमुख सूचकांक ऊंचे स्तर पर बंद हुए।
मौजूद जानकारी के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच हालिया समझौते के बाद भू-राजनीतिक तनाव में कमी आई है। इससे वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका लाभ भारतीय बाजार को भी मिला। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी, दैनिक उपभोक्ता उत्पाद, रियल एस्टेट और कुछ बड़े दिग्गज शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती प्रदान की।
कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही और शुरुआती घंटों में ही बाजार ने बढ़त हासिल कर ली। दिन के अधिकांश समय बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। हालांकि दूसरे सत्र में खरीदारी बढ़ने से प्रमुख सूचकांकों ने दिन का नया उच्च स्तर छुआ। इस दौरान निफ्टी 24,000 अंक के स्तर को पार करने में भी सफल रहा, लेकिन मुनाफावसूली के कारण यह स्तर बरकरार नहीं रह सका।
कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 544.15 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,808.48 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 135.25 अंक यानी 0.57 प्रतिशत मजबूत होकर 23,989.15 अंक पर पहुंच गया।
गौरतलब है कि प्रमुख सूचकांकों में तेजी के बावजूद व्यापक बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। मध्यम आकार और छोटे आकार की कंपनियों से जुड़े सूचकांक केवल 0.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर सके। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का अधिक झुकाव फिलहाल बड़ी और मजबूत कंपनियों की ओर बना हुआ है।
निफ्टी में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा कंज्यूमर, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फिनसर्व और एनटीपीसी शामिल रहे। दूसरी ओर हिंदाल्को, जेएसडब्ल्यू स्टील, एचडीएफसी लाइफ, आयशर मोटर्स और अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयर दबाव में रहे।
क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो वाहन, औषधि, सार्वजनिक क्षेत्र बैंक और धातु क्षेत्र को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में तेजी देखने को मिली। सूचना प्रौद्योगिकी, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, ऊर्जा, मीडिया, दैनिक उपभोक्ता उत्पाद और रियल एस्टेट क्षेत्र के सूचकांक एक से दो प्रतिशत तक मजबूत हुए।
बाजार की मजबूती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लगभग 100 कंपनियों के शेयरों ने अपना 52 सप्ताह का नया उच्च स्तर छुआ। इनमें डॉ. लाल पैथलैब, केपीआईएल, यस बैंक, कैपरी ग्लोबल, अपार इंडस्ट्रीज, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एसेट मैनेजमेंट, जीएमआर एयरपोर्ट्स, निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट, आईएफसीआई और पिडिलाइट इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां शामिल रहीं।
कंपनी आधारित गतिविधियों में अरविंद स्मार्टस्पेसेज के शेयरों में नई परियोजना की घोषणा के बाद तेजी देखी गई। देवयानी इंटरनेशनल के शेयर भी प्रस्तावित व्यवस्था योजना को लेकर सकारात्मक संकेत मिलने के बाद मजबूत हुए। वहीं एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने एक्सॉनवाइज में हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की, जिसके बाद उसके शेयरों में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के शेयरों में गिरावट आई क्योंकि सरकार ने अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई है।
इस बीच भारतीय रुपया भी लगातार तीसरे दिन मजबूत हुआ। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे की बढ़त के साथ 94.56 पर बंद हुआ।
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार का निकट अवधि का रुख अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि 24,000 अंक का स्तर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बना रहेगा। यदि यह स्तर मजबूती से पार होता है तो बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
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