कड़ी मेहनत के दम पर किरण कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा के परिणाम में 962वीं रैंक हासिल की है। फिलहाल, वो गया में ट्रेनिंग ले रही हैं।
किरण कुमारी कौन हैं, BPSC में कितनी रैंक
बता दें कि कड़ी मेहनत के दम पर किरण कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा के परिणाम में 962वीं रैंक हासिल की है। फिलहाल, वो गया में ट्रेनिंग ले रही हैं। एनडीटीवी में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक किरण का जन्म गांव में हुआ था, लेकिन जब वो 5 से 6 साल की थीं, तब परिवार नवादा आकर रहने लगा। उनके पिता का ना जगदीश प्रसाद हैं और मां का नाम रंजू कुमारी है। पिता की एक छोटी दुकान है और मां आंगनबाड़ी सेविका हैं। वो चार भाई-बहनों में सबसे छोटी है। नवादा से ही किरण कुमारी की शुरुआती पढ़ाई हुई थी।
शादी का प्रस्ताव ठुकराया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिता की आर्थिक हालात ठीक नहीं होने की वजह से वो किरण कुमारी की पढ़ाई नहीं करवाना चाहते थे। बल्कि किरण की शादी करवाना चाहते थे। लेकिन शादी का प्रस्ताव ठुकराकर उन्होंने पढ़ाई का रास्ता चुना। किरण कुमारी ने अपने पिता से कहा कि वो जो पैसे आप शादी में खर्च करेंगे, वही पैसे आप मेरे पढ़ाई में खर्च कर दीजिए। बस क्या था। पिता मान गए और पढ़ाई के लिए दिल्ली भेज दिया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि किरण की पढ़ाई के लिए पिता को जमीन तक बेचनी पड़ी।
यहां से की पढ़ाई
बता दें कि किरण ने प्रोजेक्ट कन्या स्कूल नवादा से 10वीं, आरएमडब्ल्यू कॉलेज से इंटर और स्नातक, फिर दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद उन्होंने बीपीएससी की तैयारी शुरू की।
पहली बार मिली असफलता
बीपीएससी किरण कुमारी के लिए आसान नहीं था। उनके पिता के मुताबिक किरण ने पहली बार में प्रीलिम्स पास कर लिया था। लेकिन मुख्य परीक्षा में फेल हो गईं। लेकिन इस असफलता के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में बीपीएससी को क्रैक कर लिया।
बड़ी बहन का रहा योगदान
किरण की सफलता के पीछे उनकी बहन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। किरण ने तीन साल तक दिल्ली में रहकर तैयारी की। इस दौरान जब पिता पैसे नहीं भेज पाते थे, तब उनकी बड़ी बहन प्रिया पैसे भेजा करती थी। वो अपने बहन के साथ ज्यादा रहती हैं। बता दें कि बड़ी बहन प्रिया जमुई डाकघर में कार्यरत हैं, बड़ा भाई पंकज कुमार इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनकर नागपुर में और दूसरा भाई धीरज कुमार कर्नाटक में कार्यरत है। ऐसे में किरण की कहानी लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गयी हैं।
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