इस टेस्टिंग को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह रियल लाइफ में सालों तक स्कूटर के इस्तेमाल के एक्सपीरियंस को दोहरा सके। इसके डेवलपमेंट प्रोसेस में लगभग 2000 अलग-अलग टेस्ट शामिल थे। जिनमें 1 लाख किलोमीटर से ज्यादा की राइडिंग का सिमुलेशन किया गया।
इसे लॉन्च करने से पहले, एथर ने इंस्टाग्राम पर स्कूटर की टेस्टिंग प्रोसेस की झलक दिखाई है। इस टेस्टिंग को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह रियल लाइफ में सालों तक स्कूटर के इस्तेमाल के एक्सपीरियंस को दोहरा सके। इसके डेवलपमेंट प्रोसेस में लगभग 2000 अलग-अलग टेस्ट शामिल थे। जिनमें 1 लाख किलोमीटर से ज्यादा की राइडिंग का सिमुलेशन किया गया।
मेन मैकेनिकल टेस्ट में गड्ढों से होने वाले नुकसान को परखने के लिए अंडरबॉडी कर्ब-इम्पैक्ट टेस्टिंग, खराब सड़कों का सिमुलेशन, गिरने पर पड़ने वाले असर की जांच, भारी वजन के साथ ट्रायल और खास रिग्स इक्युपमेंट के जरिए हैंडलबार स्टीयरिंग सिस्टम, ब्रेक केबल, की-लॉक मैकेनिज्म और सेंटर स्टैंड की मजबूती की जांच शामिल थी।
अलग-अलग मौसम में भरोसेमंद परफॉर्मेंस सुनिश्चित करने के लिए, कोनार्क को थर्मल चैंबर टेस्टिंग, बारिश के सिमुलेशन और पानी से गुजरने जैसी प्रक्रियाओं से गुजारा गया, ताकि इसके संवेदनशील मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल पार्ट्स सुरक्षित रहें। हजारों किलोमीटर तक लगातार सड़क के झटकों के खिलाफ स्ट्रक्चरल मजबूती को परखने के लिए लंबे समय तक वाइब्रेशन टेस्टिंग भी की गई।
एथर ने पहले ही पुष्टि कर दी है कि कोनार्क को स्टील चेसिस और मेटल के बाहरी बॉडी पैनल के साथ बनाया गया है। इसकी मजबूत बनावट को बेहतर स्ट्रक्चरल मजबूती देने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि स्कूटर डेली भारतीय सड़कों की मुश्किल स्थितियों और लंबे समय तक भारी इस्तेमाल को झेल सके। बैटरी कैपेसिटी, मोटर परफॉर्मेंस, राइडिंग रेंज, टेक फीचर्स और आधिकारिक वैरिएंट की कीमतों समेत पूरी जानकारी 29 अगस्त को सामने आएगी।
इन फीचर्स की डिटेल भी आ चुकी सामने
>> टेस्टिंग के दौरान सामने आए फोटोज में देखा जा सकता है कि अपकमिंग एथर ई-स्कूटर का डिजाइन फैमिली-ऑरिएंटेड है, जो पहले EL01 कॉन्सेप्ट के जरिए दिखाए गए डिजाइन से मेल खाता है। टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा यह स्कूटर पूरी तरह से ढका हुआ है, लेकिन इसकी कुछ खास बातें जैसे कि हैंडलबार पर लगी हेडलाइट, सामने के हिस्से पर चौड़ी LED DRL, मजबूत फ्रंट प्रोफाइल और पारंपरिक फ्रंट फेंडर की झलक देखने को मिली।
>> इस स्कूटर में एक फ्लैट फ्लोरबोर्ड भी है, जो इसकी उपयोगिता को बढ़ाता है। साथ ही, इसमें एक लंबी सिंगल-पीस सीट भी है, जिसे राइडर और पीछे बैठने वाले, दोनों के आराम से बैठने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका पिछला हिस्सा देखने में काफी सीधा-सादा लगता है, जिससे यह साफ पता चलता है कि इसे स्पोर्टी लुक देने के बजाय रोजमर्रा के इस्तेमाल पर ज्यादा ध्यान दिया गया है।
>> एथर की मौजूदा लाइनअप में EL प्लेटफॉर्म पर बेस्ड इस नए स्कूटर को रिज्टा से नीचे रखा जाएगा, जिसका मुख्य लक्ष्य आम लोगों का बाजार होगा। जहां 450 रेंज परफॉर्मेंस पर ध्यान देने वाले ग्राहकों के लिए है और रिज्टा फैमिली की जरूरतों को पूरा करता है। वहीं. इस नए स्कूटर से एथर के लिए एक ज्यादा अफॉर्डेबल कीमत वाला ऑप्शन उपलब्ध होने की उम्मीद है।
अफॉर्डेबल मॉडल वाला EL प्लेटफॉर्म
EL प्लेटफॉर्म को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह मॉड्यूलर और अफॉर्डेबल हो, जिससे एथर एक ही आर्किटेक्चर का इस्तेमाल करके कई तरह के प्रोडक्ट बना सके। इससे अलग-अलग बैटरी साइज, फीचर्स और कीमतों वाले स्कूटरों की एक बड़ी रेंज उपलब्ध हो सकती है। अभी तक इसकी आधिकारिक डिटेल सामने नहीं आई है, लेकिन पहले मिली जानकारी के अनुसार अपकमिंग स्कूटर में 2 kWh से लेकर 5 kWh तक की बैटरी के ऑप्शन मिल सकते हैं। जिनकी रेंज 100Km से 150Km तक हो सकती है। एथर लागत को कंट्रोल में रखने और साथ ही स्कूटर की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए LFP बैटरी टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल कर सकती है।
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