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‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ’ के मुताबिक, दुनिया में लगभग 20-30% लोगों को कभी-न-कभी एलर्जी की समस्या होती है। इसमें आमतौर पर छींक, खुजली या आंखों से पानी आने जैसे लक्षण दिखते हैं। लेकिन कुछ लोगों में यही एलर्जी अचानक ‘एनाफिलैक्सिस’ का कारण बन सकती है।
एनाफिलैक्सिस एक गंभीर एलर्जिक रिएक्शन है। इसमें अचानक ब्लड प्रेशर लो हो सकता है। कुछ मामलों में ऑर्गन फेलियर भी हो सकता है।
‘द जर्नल ऑफ एलर्जी एंड क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, अमेरिका में हर 100 में से 1-5 लोगों को कभी-न-कभी एनाफिलैक्सिस हुआ है।
इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में एनाफिलैक्सिस की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- यह शरीर को कैसे प्रभावित करता है?
- एनाफिलैक्सिस से कैसे बचा जा सकता है?
एक्सपर्ट: डॉ. रजत गुप्ता, डायरेक्टर, क्रिटिकल केयर, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली
सवाल- एनाफिलैक्सिस क्या है?
जवाब- नीचे पॉइंटर्स से समझिए–
- एनाफिलैक्सिस एक तरह की एलर्जी ही है, लेकिन यह उसका थोड़ा गंभीर रूप है।
- यह कुछ फूड आइटम्स, दवाओं या कीड़े के डंक से ट्रिगर हो सकता है।
- इसमें शरीर में बहुत तेजी से रिएक्शन होता है।
- एनाफिलैक्सिस में कुछ ही मिनटों में हालत गंभीर हो सकती है।
- यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसलिए तुरंत इलाज की जरूरत होती है।
सवाल- यह सामान्य एलर्जी से कैसे अलग है?
जवाब- सामान्य एलर्जी और एनाफिलैक्सिस में बड़ा फर्क इसके लक्षणों की गंभीरता का है। पॉइंटर्स से समझिए-
सामान्य एलर्जी
- इसमें छींक, खुजली, आंखों से पानी या स्किन रैशेज जैसे हल्के लक्षण दिखते हैं।
- इसके लक्षण अक्सर शरीर के एक हिस्से तक सीमित रहते हैं।
- यह आमतौर पर जानलेवा नहीं होती है।
एनाफिलैक्सिस
- इसमें रिएक्शन तेजी से बढ़ता है और शरीर के कई अंगों को एक साथ प्रभावित कर सकता है।
- इसमें रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम्स, गले में सूजन, लो ब्लड प्रेशर और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- एनाफिलैक्सिस जानलेवा हो सकता है।
सवाल- शरीर में एनाफिलैक्सिस होने पर क्या होता है?
जवाब- एनाफिलैक्सिस में इम्यून सिस्टम अचानक ओवररिएक्ट करता है। इसको ऐसे समझते हैं-
- शरीर किसी सामान्य चीज को भी बड़ा खतरा मान लेता है।
- इसके जवाब में इम्यून सिस्टम कुछ केमिकल्स रिलीज करता है। इनमें हिस्टामिन सबसे अहम होता है।
- हिस्टामिन के असर से ब्लड वेसल्स रिलैक्स होकर फैल जाती हैं।
- इससे ब्लड प्रेशर अचानक कम होता है, जिससे बॉडी ऑर्गन्स तक ब्लड की सप्लाई कम हो जाती है।
- स्किन पर तुरंत असर दिख सकता है। खुजली, रेडनेस और रैशेज हो सकते हैं। चेहरे, होंठ और जीभ में सूजन आ सकती है।

सवाल- एनाफिलैक्सिस कितनी तेजी से फैलता है?
जवाब- इसके लक्षण 5-30 मिनट के भीतर शुरू होते हैं और कुछ ही मिनटों में गंभीर हो जाते हैं।
सवाल- क्या हर एलर्जी एनाफिलैक्सिस में बदल सकती है?
जवाब- नहीं, ऐसा नहीं होता है। हालांकि, कुछ लोगों में एलर्जी एनाफिलैक्सिस का रूप ले सकती है। इसलिए एलर्जी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर एलर्जी के साथ-
- सांस लेने में दिक्कत हो
- चेहरे या गले में सूजन हो
- चक्कर आए
- बेहोशी आए
- तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें।
सवाल- किन चीजों से एनाफिलैक्सिस हो सकता है?
जवाब- एनाफिलैक्सिस आमतौर पर उन चीजों से ट्रिगर होता है, जिनसे शरीर को एलर्जी होती है। ये ट्रिगर्स हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन कुछ कॉमन कारण होते हैं। ग्राफिक में सभी कारण देखिए-

सवाल- क्या रोजमर्रा का खाना भी ट्रिगर बन सकता है?
जवाब- हां, यह इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति को किस चीज से एलर्जी है। कुछ लोगों के लिए-
- दूध
- अंडा
- मूंगफली
- ट्री नट्स
- गेहूं, सोया या सीफूड जैसे कॉमन फूड आइटम्स भी खतरनाक साबित हो सकते हैं।
जो चीज आमतौर पर सेफ मानी जाती है, वही किसी एलर्जिक व्यक्ति के लिए रिस्की बन सकती है।
सवाल- क्या दवाओं से भी एनाफिलैक्सिस हो सकता है?
जवाब- हां, कुछ दवाएं भी एनाफिलैक्सिस ट्रिगर कर सकती हैं। सबसे ज्यादा रिस्क कुछ एंटीबायोटिक्स से होता है। जैसे-
- पेनिसिलिन ग्रुप की दवाएं।
- पेन किलर्स।
कुछ लोगों में वैक्सीन या एनेस्थीसिया से भी रिएक्शन हो सकता है। इसलिए अगर किसी दवा से पहले कभी एलर्जी हुई हो तो डॉक्टर को जरूर बताएं।
सवाल- क्या ये किसी भी व्यक्ति को हो सकता है?
जवाब- हां, एनाफिलैक्सिस किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। हालांकि इसका रिस्क उन्हें ज्यादा होता है, जिन्हें पहले से-
- फूड एलर्जी है।
- दवा से एलर्जी है।
- अस्थमा है।
कुछ मामलों में, किसी व्यक्ति को पहले कभी कोई एलर्जी न हुई हो, फिर भी गंभीर रिएक्शन हो सकता है।
सवाल- एनाफिलैक्सिस के शुरुआती संकेत क्या हैं?
जवाब- एनाफिलैक्सिस के शुरुआती संकेत हल्के हो सकते हैं, लेकिन ये तेजी से गंभीर लक्षणों में बदल सकते हैं। नीचे ग्राफिक में सभी शुरुआती संकेत देखिए-

सवाल- कौन-से लक्षण दिखते ही तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए?
जवाब- कुछ संकेत गंभीर स्थिति का इशारा करते हैं। इसका मतलब है कि तुरंत मेडिकल हेल्प लेना जरूरी है। ग्राफिक में सभी गंभीर लक्षण देखिए-

सवाल- एनाफिलैक्सिस कब जानलेवा हो सकता है?
जवाब- इन स्थितियों में एनाफिलैक्सिस जानलेवा हो सकता है–
- जब सांस लेने में गंभीर दिक्कत होने लगे।
- जब गले और सांस की नली में ज्यादा सूजन आ जाए और एयरवे सिकुड़ जाए।
- जब शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगे।
- जब ब्लड प्रेशर अचानक बहुत ज्यादा गिर जाए।
- जब ब्रेन, हार्ट और दूसरे अंगों तक पर्याप्त खून न पहुंच पाए।
- जब व्यक्ति को चक्कर आने लगें या वह बेहोश हो जाए।
- जब इलाज मिलने में देरी हो जाए।
- जब मरीज ‘एनाफिलैक्टिक शॉक’ में चला जाए, जो कि एक मेडिकल इमरजेंसी है।
सवाल- एनाफिलैक्सिस कैसे डायग्नोस किया जाता है?
जवाब- इसका डायग्नोसिस मुख्य रूप से लक्षणों और टाइमिंग के आधार पर किया जाता है।
- डॉक्टर देखते हैं कि एलर्जन के संपर्क के बाद कितनी तेजी से रिएक्शन हुआ।
- अगर कुछ मिनटों से एक घंटे के भीतर स्किन, सांस और हार्ट से जुड़े लक्षण एक साथ दिखें तो एनाफिलैक्सिस हो सकता है।
- ब्लड प्रेशर अचानक कम होना भी एक अहम संकेत होता है। यह बताता है कि रिएक्शन गंभीर है।
सवाल- एनाफिलैक्सिस का ट्रीटमेंट क्या है?
जवाब- नीचे पॉइंटर्स में देखें–
- एनाफिलैक्सिस का पहला और सबसे जरूरी इलाज एपिनेफ्रिन (एड्रेनालिन) इंजेक्शन है।
- जिन लोगों को गंभीर एलर्जी का रिस्क होता है, डॉक्टर उन्हें एपिनेफ्रिन ऑटो-इंजेक्टर साथ रखने की सलाह दे सकते हैं।
- गंभीर एलर्जिक रिएक्शन के लक्षण दिखते ही यह इंजेक्शन जांघ (थाई) की मांसपेशी में लगाया जाता है।
- यह दवा तेजी से असर करती है और सांस लेने में दिक्कत, सूजन और लो ब्लड प्रेशर जैसे लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद करती है।
- इंजेक्शन लगाने के तुरंत बाद इमरजेंसी मेडिकल हेल्प जरूरी है। मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाना चाहिए।
- इलाज के बाद भी कुछ समय तक मेडिकल निगरानी जरूरी है, क्योंकि कुछ मामलों में लक्षण दोबारा लौट सकते हैं।
- एपिनेफ्रिन (एड्रेनालिन) इंजेक्शन बिना डॉक्टर की सलाह के यूज नहीं करना चाहिए। इसे अपने पास तभी रखें, जब डॉक्टर ने आपको प्रिस्क्राइब किया हो।
सवाल- क्या एनाफिलैक्सिस का घरेलू इलाज संभव है?
जवाब- नहीं, एनाफिलैक्सिस का कोई घरेलू इलाज नहीं है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। देरी खतरनाक हो सकती है।
सवाल- एनाफिलैक्सिस से बचाव के लिए क्या करें?
जवाब- एनाफिलैक्सिस से पूरी तरह बचाव संभव नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियां अपनाकर एलर्जी का रिस्क कम किया जा सकता है। ग्राफिक में बचाव के टिप्स देखिए-

एनाफिलैक्सिस एक जानलेवा एलर्जिक कंडीशन है। थोड़ी सी जागरूकता और तैयारी इस गंभीर स्थिति के रिस्क को काफी हद तक कम कर सकती है।
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