छोटी सी बात पर गुस्सा आना और बाद में पछताना आम बात है। अगर आपका गुस्सा भी छोटी-छोटी बातों पर बढ़ जाता है, तो थेरेपिस्ट के बताए ये 5 तरीके काम आ सकते हैं।
कभी किसी ने आपकी बात नहीं सुनी, किसी ने रास्ते में आगे निकलने की कोशिश कर दी या घर में किसी छोटी बात पर बहस हो गई और आपका गुस्सा तुरंत सातवें आसमान पर पहुंच गया। बाद में जब मन शांत हुआ तो लगा कि इतनी छोटी बात पर इतना गुस्सा करने की जरूरत ही नहीं थी। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आप अकेले नहीं हैं। कई बार हम जानते हैं कि बात छोटी है, फिर भी उस समय गुस्सा रोकना मुश्किल हो जाता है। थेरेपिस्ट जेफरी मेल्टजर ने ऐसे लोगों के लिए 5 आसान तरीके बताए हैं।
1. चेहरे पर ठंडा पानी लगाएं
जब आपको लगे कि गुस्सा बहुत ज्यादा बढ़ रहा है तो बहस करने के बजाय थोड़ी देर के लिए अलग हो जाएं। चेहरे पर हल्का ठंडा पानी डालें या कुछ देर कोई ठंडी चीज रखें। थेरेपिस्ट के अनुसार, चेहरे को ठंडा करने से शरीर को शांत होने में मदद मिल सकती है और दिल की धड़कन भी थोड़ी धीमी हो सकती है। इसलिए अगली बार गुस्सा बहुत ज्यादा आए तो पहले चेहरा ठंडा करें, फिर बात करें।
2. हर बात का सबसे बुरा मतलब ना निकालें
कई बार गुस्सा सामने वाले की बात से ज्यादा हमारी सोच की वजह से बढ़ता है। हमें लगता है कि उसने जानबूझकर ऐसा किया या वह हमारा सम्मान नहीं करता। लेकिन तुरंत ऐसा मानने के बजाय खुद से पूछें कि क्या इसकी कोई दूसरी वजह भी हो सकती है? हो सकता है सामने वाले ने आपको देखा ही ना हो या उससे गलती हो गई हो। हर बात को जानबूझकर किया गया समझने से गुस्सा और बढ़ सकता है।
3. गुस्से को हमेशा के लिए दिमाग में ना लेकर घूमें
किसी बात से गुस्सा आया है तो उसे पांच या दस मिनट तक सोच लें। चाहें तो जो बात परेशान कर रही है, उसे कागज पर लिख दें। लेकिन इसके बाद जानबूझकर अपना ध्यान किसी दूसरी चीज पर लगाएं। एक ही बात को बार-बार दिमाग में दोहराते रहने से गुस्सा कम होने के बजाय और बढ़ता है। इसलिए गुस्से को सोचने का थोड़ा समय दें, लेकिन उसे पूरे दिन अपने साथ लेकर ना घूमें।
4. गहरी सांस लें
गुस्से में तुरंत जवाब देना अक्सर बाद में भारी पड़ सकता है। इसलिए करीब एक मिनट रुकें और बहुत धीरे-धीरे सांस लें। पहले शरीर को शांत करें और फिर सोचें कि आपको वास्तव में क्या कहना या करना है। कई बार सिर्फ एक मिनट का ब्रेक भी आपको ऐसा जवाब देने से बचा सकता है जिसका बाद में पछतावा हो।
5. नींद और आराम को इग्नोर ना करें
जब शरीर बहुत थका हुआ होता है तो छोटी-सी बात भी बड़ी लगती है। नींद पूरी ना होने पर चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ सकता है। इसलिए रोज पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें। थोड़ा चलें-फिरें, कुछ समय धूप में बिताएं और अपने शरीर को आराम दें। जब आप अंदर से थके हुए नहीं होंगे तो छोटी-छोटी परेशानियों को संभालना भी आसान होगा।
रिएक्शन पर ध्यान दें! गुस्सा आना गलत नहीं है, लेकिन गुस्से में हम क्या करते हैं, यह ज्यादा जरूरी है। अगली बार छोटी बात पर गुस्सा आए तो तुरंत बोलने के बजाय थोड़ा रुकें, सांस लें और पहले खुद को शांत करें।
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