हॉकी वर्ल्ड कप 2026 से भारत के बाहर होने पर पीआर श्रीजेश भड़क उठे हैं। पूर्व दिग्गज गोलकीपर श्रीजेश ने जवाबदेही की मांग की है। भारत की पुरुष और महिला टीम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में नहीं पहुंची।
‘जो कुछ गलत हुआ, उसे…’
श्रीजेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”चिंता मत कीजिए। वर्ल्ड कप से कोई फर्क नहीं पड़ता। एशियन गेम्स आ रहे हैं। वहां मेडल जीतो और फिर हम लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के सपने देखना शुरू कर सकते हैं। वर्ल्ड कप में जो कुछ भी गलत हुआ, उसे कवर करने के लिए यह काफी है। वर्ल्ड कप से ठीक पहले महिला टीम के चीफ कोच छुट्टी पर थे और लड़कियों ने फिर भी जी-जान से लड़ाई लड़ी और उम्मीदों से बढ़कर किया। खिलाड़ियों को क्रेडिट जाता है। लेकिन जवाबदेही कहा है? क्या हम सच में उम्मीद करते हैं कि टीम अपना बेस्ट परफॉर्म करेगी जब चीफ कोच तैयारी के आखिरी फेज में बाहर हो?”
‘इसके पीछे छिपना बंद करो’
उन्होंने आगे कहा, ”पुरुषों की टीम एक टॉप टीम से हार जाती है तो यह सीखने का अनुभव है। वहीं, एक एशियन टीम को हरा देती है तो शानदार जीत, अच्छी हॉकी खेली और अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन ऐसे में एक मुश्किल सवाल है। क्या हम अच्छी हॉकी खेलने के लिए टीम बना रहे हैं, या दुनिया की बेस्ट टीमों के खिलाफ जीतने के काबिल टीम? ‘सीखने’, ‘अच्छी हॉकी’ और आने वाले टूर्नामेंट के पीछे छिपना बंद करो। वर्ल्ड कप कोई रिहर्सल नहीं है। यह वर्ल्ड कप है। तो मुश्किल सवाल कौन पूछेगा? जवाबदेही की मांग कौन करेगा? और सबसे जरूरी बात, क्या सच में किसी को परवाह है?”
कोच क्रेग फुल्टोन ने क्या कहा?
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के हेज कोच क्रेग फुल्टोन ने माना कि धीमी शुरुआत और सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए जरूरी मुकाबले के दबाव को नहीं संभाल पाना टीम पर भारी पड़ा। फुल्टोन ने पीटीआई से कहा, “मुश्किल दिन था। हम इस तरह अंत नहीं करना चाहते थे। हमने खराब शुरुआत की, लेकिन दूसरा क्वार्टर काफी बेहतर रहा। तीसरा क्वार्टर अच्छा नहीं था। इसके बाद अंतिम क्वार्टर में हमने तीन गोल किए और पेनल्टी कॉर्नर से चौथा गोल भी कर सकते थे।” उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर यह बहुत अजीब मुकाबला रहा। हमने पूरे टूर्नामेंट में ऊंचे स्तर की हॉकी खेली, लेकिन बड़े मुकाबलों में हमें बेहतर प्रदर्शन करना होगा।”
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