एमएससी छात्र ऋषिकेश की मौत को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद आईआईटी दिल्ली ने मामले की बाहरी जांच कराने की घोषणा की है। संस्थान ने बताया कि जांच समिति ऋषिकेश कुमार की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।
शनिवार को ऋषिकेश ने कर ली थी खुदकुशी
ऋषिकेश की शनिवार सुबह आईआईटी दिल्ली के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से कथित तौर पर गिरने के बाद मौत हो गई थी। सुबह 8:33 बजे किशनगढ़ पुलिस थाने को इस घटना की सूचना मिली थी। पुलिस के अनुसार छात्र को IIT के कैंपस अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 31 वर्षीय ऋषिकेश MSc फिजिक्स कोर्स के छात्र थे। पुलिस के मुताबिक छात्र डिप्रेशन से जूझ रहे थे और काउंसलिंग ले रहे थे।
मार्च 2026 से मेंटल हेल्थ की समस्या
निदेशक रंजन बनर्जी ने बताया कि पहले सेमेस्टर में उनका अकादमिक प्रदर्शन अच्छा रहा था. हालांकि, मार्च 2026 में उन्हें मेंटल हेल्थ से जुड़ी परेशानी सामने आई जिसके बाद से संस्थान के काउंसलर और मनोचिकित्सक ने उन्हें लगातार अभिभावकीय निगरानी में रहने की सलाह दी थी। इसके बाद संस्थान की अनुमति से उन्होंने दूसरे सेमेस्टर से नाम वापस लिया और अपने अभिभावक के साथ रहने के लिए कैंपस से बाहर चले गए। जुलाई 2026 में ऋषिकेश दोबारा कैंपस लौटे। उनके मेडिकल रिकॉर्ड की दोबारा समीक्षा के बाद उन्हें फिर से अभिभावकीय निगरानी में रहने की सलाह दी गई। इसके बाद तीसरे सेमेस्टर से नाम वापस लेने का उनका अनुरोध भी फिजिक्स विभाग ने मंजूर कर लिया था।
छात्र संगठन आइसा ने उठाए सवाल
आईसा ने दावा किया है कि उक्त छात्र को एक प्रमुख शोध परियोजना से वंचित किया गया और उन्हें एक सेमेस्टर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। संगठन ने आरोप लगाया कि छात्र की मौत को केवल व्यक्तिगत मानसिक स्वास्थ्य समस्या के तौर पर देखना उचित नहीं है।
आत्महत्या के मामलों ने चिंता बढ़ाई
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मार्च 2023 में राज्यसभा में बताया था कि 2018 से मार्च 2023 के बीच देश के आईआईटी में 33 छात्रों ने आत्महत्या की। वहीं आरटीआई के जरिये जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार 2005 से 2024 के बीच आईआईटी में कम से कम 115 छात्रों की आत्महत्या दर्ज हुई, जिनमें आईआईटी मद्रास में 26, कानपुर में 18, खड़गपुर में 13, गुवाहाटी में 13, जबकि आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी दिल्ली में 10-10 मामले बताए गए हैं।
आईआईटी दिल्ली में आत्महत्या के मामले
1 जून 2021 : तीसरे वर्ष के बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र।
19 अक्तूबर 2021 : चौथे वर्ष के इंजीनियरिंग फिजिक्स के छात्र।
8 जुलाई 2023 :बीटेक गणित एवं कंप्यूटिंग के छात्र।
1 सितंबर 2023 : बीटेक गणित एवं कंप्यूटिंग के छात्र।
31 अक्टूबर 2023 : अंतिम वर्ष के बीटेक छात्र।
15 फरवरी 2024 : एमटेक पॉलीमर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के छात्र।
13 मार्च 2026 : प्रथम वर्ष के बीटेक सिविल इंजीनियरिंग के छात्र।
22 अगस्त 2026– एमएससी फिजिक्स द्वितीय वर्ष।
आईआईटी-दिल्ली में मदद के लिए प्रयोग करें
आईआईटी-दिल्ली मानसिक स्वास्थ्य सहायता: 011-4076-9002
आईआईटी-दिल्ली आपातकालीन हेल्पलाइन: 011-2659-1000
आईआईटी-दिल्ली अस्पताल: 011-2659-1500
संस्थान में 14 परामर्शदाता हैं और जरूरत पड़ने पर तत्काल मनोचिकित्सकीय सहायता की व्यवस्था है।
मदद के लिए हेल्पलाइन
टेली-मानस: 14416
टोल-फ्री नंबर: 1800-89-14416
(टेली-मानस भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सेवा है। यह 24 घंटे मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराती है।)
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